
रुद्रपुर। खटीमा के ग्राम हल्दीघेरा में नवीन गोसदन का लोकार्पण संपन्न होने के बाद, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश (पीलीभीत जनपद) की सीमा पर स्थित इस राजकीय मान्यता प्राप्त गोसदन के सुचारु संचालन के लिए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गोसदन में इन गोवंशों को मिलेगा आश्रय
उत्तराखण्ड गोवंश संरक्षण अधिनियम एवं नियमावली के तहत इस गोसदन में निम्नलिखित गोवंश को आश्रय दिया जाएगा:
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केस प्रॉपर्टी गोवंश: पुलिस और प्रशासन द्वारा गोतस्करों या क्रूरता के मामलों से मुक्त कराए गए गोवंश।
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निराश्रित व असहाय गोवंश: नगर निकायों तथा जिला पंचायत द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से रेस्क्यू किए गए घायल, रोगी, विकलांग और निराश्रित गोवंश।
लम्पी त्वचा रोग के कारण अंतरराज्यीय और अंतरजनपदीय परिवहन पर रोक
प्रदेश में लम्पी त्वचा रोग (Lumpy Skin Disease) के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु जारी 25 अगस्त 2026 की अधिसूचना के अनुरूप:
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गोवंश तथा महिषवंशीय (भैंस वंश) पशुओं के अंतरराज्यीय (Inter-state) और अंतरजनपदीय (Inter-district) परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
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गोवंश के किसी भी प्रकार के आवागमन और प्रदर्शनियों से जुड़ी गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है।
हल्दीघेरा गोसदन में गोवंश लाने के लिए कड़े नियम
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निजी वाहनों पर प्रतिबंध: विभिन्न गाँवों से निजी वाहनों के माध्यम से निराश्रित गोवंश को सीधे हल्दीघेरा गोसदन लाने पर रोक लगा दी गई है।
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मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी की अनुमति अनिवार्य: भविष्य में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी (CVO), ऊधमसिंह नगर की पूर्वानुमति और निर्धारित मानकों के तहत ही गोवंश का परिवहन किया जा सकेगा।
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केवल पंजीकृत वाहन मान्य: गोसदन की क्षमता और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए केवल समर्पित राजकीय वाहनों या स्वीकृत भाड़े के ट्रकों के माध्यम से ही परिवहन की अनुमति दी जाएगी।
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टीकाकरण की शर्त: परिवहन की अनुमति केवल उन्हीं रोगमुक्त निराश्रित गोवंशों को दी जाएगी, जिन्हें लम्पी त्वचा रोग का टिका लग चुका हो। यह संख्या नगर पालिका खटीमा और जिला पंचायत द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही होगी।



