
देहरादून: उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि के बाद अब उत्तराखंड में भी मानदेय बढ़ाए जाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है, जिससे प्रदेश की हजारों कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बढ़ सकता है मानदेय
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह किए जाने के बाद उत्तराखंड में भी इसी तर्ज पर संशोधन की चर्चाएं तेज हैं। तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के अनुसार, राज्य में कार्यकर्ताओं का मानदेय ₹10,000 से ₹12,000 प्रति माह (या इससे अधिक) किया जा सकता है। इसके साथ ही सहायिकाओं के मानदेय में भी सम्मानजनक वृद्धि प्रस्तावित है।
राज्य में आंगनबाड़ी व्यवस्था की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में उत्तराखंड में 20,070 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें प्रत्येक केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका तैनात है। मौजूदा वित्तीय ढांचे के तहत:
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: ₹9,300 प्रतिमाह
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आंगनबाड़ी सहायिका: ₹5,250 प्रतिमाह
उल्लेखनीय है कि मानदेय की यह दरें वर्ष 2021 में की गई बढ़ोतरी के बाद से लागू हैं।
कैबिनेट मंजूरी और अंतिम राशि पर निर्णय बाकी
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि सरकार आंगनबाड़ी कर्मियों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी मानदेय में वृद्धि की गई थी और वर्तमान में नया प्रस्ताव विचाराधीन है।
हालांकि, नई मानदेय दरों की अंतिम घोषणा और वित्तीय स्वीकृति पर औपचारिक निर्णय होना अभी शेष है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश भर के हजारों आंगनबाड़ी परिवारों को आर्थिक रूप से सीधा लाभ पहुंचेगा।



