
खटीमा: सोमवार रात्रि और मंगलवार दिन में हुई मूसलाधार बारिश के कारण खंकरा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे खटीमा के वनगवां गाँव में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जलभराव के कारण गाँव के लगभग 20 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो गए हैं।
प्रशासन और SDRF ने संभाला मोर्चा, प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए राहत शिविर
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन, SDRF, पुलिस और खाद्य विभाग की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा।

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रेस्क्यू ऑपरेशन: SDRF, पुलिस और प्रशासनिक टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से 7 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक विद्यालय रघुलिया में बनाए गए राहत शिविर में स्थानांतरित (विस्थापित) किया।
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विस्थापन कार्य जारी: अन्य प्रभावित परिवारों को भी सुरक्षित राहत शिविर में पहुँचाने का कार्य तेजी से चल रहा है।
जिलाधिकारी ने राहत शिविर का लिया जायजा, व्यवस्थाओं के दिए सख्त निर्देश
स्थिति का जायजा लेने जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा और उप जिलाधिकारी तुषार सैनी स्वयं प्राथमिक विद्यालय रघुलिया पहुँचे। उन्होंने जलभराव से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
जिलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए:
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निःशुल्क भोजन व पानी: जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएँ प्रशासन द्वारा मुहैया कराई जाएँगी।
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तत्काल व्यवस्थाएं: तहसील प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग को शिविर में सभी मूलभूत व्यवस्थाएँ बिना किसी देरी के सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
“अंधेरा होने से पहले शिविर में पहुँचें”: जिलाधिकारी की अपील
जिलाधिकारी ने सभी ग्रामीणों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए, रात होने से पहले सभी प्रभावित लोग राहत शिविर में आ जाएँ ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या समस्या से बचा जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन, SDRF और पुलिस की टीमों को 24 घंटे मुस्तैद (अलर्ट) रहने के निर्देश जारी किए हैं।



