उत्तराखंडराज्य

रुद्रपुर में शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया 27वां कारगिल विजय दिवस, अमर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

रुद्रपुर। 27वें कारगिल विजय दिवस को जिले में पूरे सम्मान और गौरव के साथ शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में विधायक शिव अरोरा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एसपी सिटी डॉ. उत्तम सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सी.पी. कोठारी सहित प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा पूर्व सैनिकों ने कारगिल युद्ध के शहीद हवलदार पदम राम और राइफलमैन अमित नेगी को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के वीर सैनिक मान सिंह मेहता को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया गया।

कारगिल विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस का प्रतीक : शिव अरोरा

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक शिव अरोरा ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, अटूट संकल्प और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कठिनतम परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने अदम्य वीरता का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया और देश की सीमाओं की रक्षा की। उनका बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने युवाओं से शहीदों के आदर्शों को अपनाते हुए राष्ट्रसेवा, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) के.डी. सिंह ने साझा किए कारगिल युद्ध के अनुभव

कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल के.डी. सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि, सैन्य अभियानों और भारतीय सेना, वायुसेना तथा अन्य सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद भारतीय जवानों ने अद्भुत साहस और अनुशासन का परिचय देकर विजय हासिल की तथा तिरंगे की आन, बान और शान को अक्षुण्ण रखा। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि सैनिक का जीवन केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का सर्वोच्च संकल्प होता है।

शहीदों का सम्मान और सैनिकों की समस्याओं का होगा प्राथमिकता से समाधान : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कारगिल के अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों पर पूरे राष्ट्र को गर्व है। उन्होंने कहा कि शहीदों के त्याग को सदैव याद रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि सैनिकों और उनके परिजनों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।

कारगिल युद्ध के इतिहास और शौर्यगाथा पर डाला प्रकाश

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सी.पी. कोठारी ने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि और भारतीय सेना की ऐतिहासिक विजय का उल्लेख करते हुए बताया कि इस युद्ध में लगभग 30 हजार भारतीय सैनिकों ने भाग लिया था। युद्ध में देश के 527 जवान शहीद हुए, जिनमें उत्तराखंड के 75 और ऊधमसिंह नगर जिले के दो वीर सैनिक शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष में 1363 सैनिक घायल हुए थे और इन्हीं वीरों की स्मृति में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

देशभक्ति प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित

शौर्य दिवस के अवसर पर जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित चित्रकला, निबंध, भाषण, देशभक्ति कविता तथा खेल विभाग की क्रॉस कंट्री प्रतियोगिताओं के विजेताओं को समारोह में सम्मानित किया गया।

निबंध प्रतियोगिता में गरिमा ने प्रथम, अवनि गौतम ने द्वितीय और शाहिन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में सोनम प्रथम, विनिता द्वितीय तथा जागृति तृतीय रहीं। चित्रकला प्रतियोगिता में नितेश विश्वास प्रथम, वंशिका वर्मा द्वितीय और नीतिका मंडल तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि देशभक्ति कविता के लिए कनिष्का पांडे को सम्मानित किया गया।

क्रॉस कंट्री प्रतियोगिता के ओपन पुरुष वर्ग में पुष्कर चंद्र प्रथम, केवल चन्याल द्वितीय और अमन तृतीय रहे। वहीं ओपन महिला वर्ग में माया ने पहला, गीतिका ने दूसरा तथा जस किरण ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।

पूर्व सैनिकों और अधिकारियों की रही उल्लेखनीय उपस्थिति

कार्यक्रम में विंग कमांडर एच.के. राय (सेवानिवृत्त), अखिलेश सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरुदेव सिंह (सेवानिवृत्त), लेफ्टिनेंट कर्नल आर.पी. सिंह (सेवानिवृत्त), सैनिक परिषद के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button