CAG रिपोर्ट के बाद रेलवे का बड़ा फैसला, 20 हजार स्थानों पर लगेगा ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम

नई दिल्ली। पेयजल की गुणवत्ता को लेकर CAG की रिपोर्ट में सामने आए बिंदुओं के बाद रेलवे ने यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे दिन समीक्षा के बाद रेलवे परिसरों में सुरक्षित पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
20 हजार स्थानों पर स्थापित होगा नया फिल्ट्रेशन सिस्टम
रेलवे नेटवर्क में करीब 20 हजार स्थानों पर नया ‘टैंक टू टैप’ वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इन स्थानों में वाटर कूलर सहित अन्य पेयजल केंद्र शामिल हैं।
इसके साथ ही रेलवे की ओर से व्यापक जल फिल्ट्रेशन और निगरानी व्यवस्था भी लागू की जाएगी, ताकि यात्रियों को पेयजल की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
पुराने पानी के टैंक बदले जाएंगे
रेलवे ने पुराने और अनुपयुक्त पानी के टैंकों को बदलने के भी निर्देश दिए हैं। पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पानी के स्रोत और आउटलेट प्वाइंट पर नियमित जांच की व्यवस्था की जाएगी।
इसके अलावा केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेही प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पानी की गुणवत्ता से जुड़े मामलों पर प्रभावी नजर रखी जा सके।
टैंकों की नियमित सफाई और रखरखाव पर जोर
रेलवे की नई व्यवस्था के तहत पानी के भंडारण टैंकों की निर्धारित समय पर सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। इससे टैंकों में गंदगी या अन्य कारणों से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका को कम किया जा सकेगा।
रेलवे बोर्ड स्तर से पूरी व्यवस्था की सीधे निगरानी की जाएगी। साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुधारात्मक कार्रवाई की प्रगति और पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी।
यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए व्यापक अभियान
रेलवे के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई CAG की रिपोर्ट में उठाए गए सभी बिंदुओं के समाधान के साथ-साथ यात्रियों के समग्र यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
रेलवे का उद्देश्य पेयजल व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और जवाबदेह बनाना है, ताकि यात्रियों को रेलवे स्टेशनों और अन्य पेयजल केंद्रों पर बेहतर गुणवत्ता का पानी उपलब्ध कराया जा सके।



