कौन हैं भारतीय मूल के आनंद वरदराजन, जिन्हें स्टारबक्स ने नियुक्त किया नया CTO

दुनिया की सबसे बड़ी कॉफी चेन स्टारबक्स (Starbucks) ने अपने टेक्नोलॉजी नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय मूल के वरिष्ठ टेक एक्जीक्यूटिव आनंद वरदराजन (Anand Varadarajan) को नया चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे वक्त हुई है, जब कंपनी स्टोर से लेकर सप्लाई चेन तक अपनी तकनीकी रफ्तार बढ़ाने पर फोकस कर रही है।
स्टारबक्स के मुताबिक, आनंद वरदराजन 19 जनवरी 2026 से कार्यभार संभालेंगे। उन्हें एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी भी दी गई है और वे कंपनी के टॉप एग्जीक्यूटिव लीडरशिप ग्रुप का हिस्सा होंगे। इस भूमिका में वे सीधे स्टारबक्स के सीईओ ब्रायन निकोल (Brian Niccol) को रिपोर्ट करेंगे। वरदराजन, कंपनी की पूर्व CTO डेब हाल लेफेवर की जगह लेंगे, जो सितंबर 2025 में रिटायर हो चुकी हैं।
अमेजन में 19 साल तक काम किया
आनंद वरदराजन टेक इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने करीब 19 साल तक अमेजन (Amazon) में काम किया है। अमेजन में वे बड़े पैमाने पर कस्टमर-सेंट्रिक टेक प्लेटफॉर्म तैयार करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। हाल के वर्षों में वे अमेजन के वर्ल्डवाइट ग्रॉसरी स्टोर्स (Worldwide Grocery Stores) बिजनेस के लिए टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले उन्होंने ओरेकल (Oracle) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर भी काम किया और कई स्टार्टअप्स से जुड़े रहे।
स्टोर-बाय-स्टोर सुधार की रणनीति
स्टारबक्स की नजर में यह नियुक्ति सिर्फ एक पद भरने की कवायद नहीं है। कंपनी टेक्नोलॉजी के जरिए स्टोर्स में काम की रफ्तार, ऑर्डर प्रोसेस, मोबाइल ऑर्डरिंग और लेबर एफिशिएंसी सुधारना चाहती है। सीईओ ब्रायन निकोल की ‘स्टोर-बाय-स्टोर सुधार रणनीति’ में टेक्नोलॉजी को अहम हथियार माना जा रहा है।
अब सवाल उठता है कि आखिर आनंद वरदराजन को कितनी सैलरी मिलेगी? स्टारबक्स ने आनंद वरदराजन के वेतन पैकेज का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, अमेरिका की बड़ी कंपनियों में CTO और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट स्तर के अधिकारियों का पैकेज आमतौर पर मल्टी-मिलियन डॉलर, यानी भारतीय रुपएमें कई करोड़ रुपए सालाना होता है, जिसमें सैलरी के साथ स्टॉक ऑप्शन और बोनस भी शामिल रहते हैं।
कुल मिलाकर, आनंद वरदराजन की एंट्री को स्टारबक्स के टेक और ऑपरेशंस को नई रफ्तार देने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले महीनों में स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साफ दिख सकता है।


