आध्यात्म

Aaj Ka Panchang आज का पंचांग 2 मई 2026 : आज ज्येष्ठ प्रतिपदा तिथि, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

शनिवार, 02 मई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जिसे हिंदू पुराणों में देवर्षि नारद मुनि के जन्मोत्सव यानी नारद जयंती के रूप में मनाया जाता है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज पूरा दिन विशाखा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो सूर्य देव वर्तमान में मेष राशि में और चंद्रमा तुला राशि (रात्रि तक) में विराजमान हैं। अगर आप आज कोई शुभ कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो समय और मुहूर्त का ध्यान रखना आवश्यक है। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 1 May 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
मास: ज्येष्
दिन: शनिवार
संवत्: 2083

तिथि: कृष्ण प्रतिपदा – रात्रि 12:49 बजे (03 मई) तक, फिर द्वितीया
योग: व्यतिपात – रात्रि 09:45 बजे तक, फिर वरीयान
करण: बालव – प्रातः 11:49 बजे तक
करण: कौलव – रात्रि 12:49 बजे (03 मई) तक

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05:40 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:57 बजे
चंद्रोदय का समय: सायं 07:50 बजे
चंद्रास्त का समय: चंद्रास्त नहीं

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: मेष राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: तुला राशि में स्थित हैं (रात्रि 12:30 बजे तक, फिर वृश्चिक)

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
अमृत काल: रात्रि 09:25 बजे से रात्रि 11:11 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 08:59 बजे से प्रातः 10:39 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 05:40 बजे से प्रातः 07:19 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 01:58 बजे से दोपहर 03:38 बजे तक

आज का नक्षत्र

विशाखा नक्षत्र: पूरी रात
स्थान: 20°00’ तुला राशि से 3°20’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव
राशि स्वामी: शुक्रदेव और मंगलदेव
देवता: इंद्राग्नि (इंद्र और अग्नि का संयुक्त रूप)
प्रतीक: विजय द्वार या कुम्हार का चाक
सामान्य विशेषताएं: अत्यंत महत्वाकांक्षी, धैर्यवान, साहसी, सामाजिक, बुद्धिमान, धार्मिक, आध्यात्मिक, ईमानदार, न्यायप्रिय, मजबूत इच्छाशक्ति, समाज में सम्मानित, कभी-कभी क्रोधी, ईर्ष्यालु और थोड़े कंजूस।

नारद जयंती 2026

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 01 मई, रात 10:52 बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 03 मई, रात 12:49 बजे

वैदिक पुराणों के अनुसार, प्रतिपदा तिथि को देवर्षि नारद मुनि के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। नारद मुनि को ब्रह्मांड का दिव्य संदेशवाहक और देवताओं के बीच सूचनाओं का प्राथमिक स्रोत माना गया है। उनके पास आकाश, पृथ्वी और पाताल, तीनों लोकों की यात्रा करने की अद्भुत शक्ति है, इसलिए उन्हें धरती का प्रथम पत्रकार भी कहा जाता है।

देवर्षि नारद भगवान नारायण के परम भक्त हैं और निरंतर ‘नारायण-नारायण’ का जाप करते हुए लोक-कल्याण हेतु सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। मान्यता है कि उनकी दी गई जानकारी तात्कालिक रूप से संकट पैदा कर सकती है, लेकिन अंततः वह सृष्टि की भलाई और सत्य की स्थापना का ही मार्ग प्रशस्त करती है। इस दिन श्रद्धालु श्रीहरि और नारद मुनि की पूजा कर ज्ञान और संवाद कुशलता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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