उत्तराखंडराज्य

देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली: मातृशक्ति के अधिकारों की गूंज

देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने हजारों महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक निकाली गई पदयात्रा में भी हिस्सा लिया। रैली में महिलाओं की बड़ी उपस्थिति ने इसे एक प्रभावशाली जनआंदोलन का रूप दिया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष पर आरोप

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में पर्याप्त समर्थन न मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका और विपक्ष ने साजिश के तहत महिलाओं के अधिकारों को बाधित किया। उन्होंने कहा कि आज की नारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तैयार है।

महिलाओं के सशक्तिकरण को बताया प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किए गए प्रयासों को बाधित करना देश के साथ अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि मातृशक्ति को नए भारत की नींव मानते हुए केंद्र सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की हैं, जिनसे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।

प्रमुख योजनाओं से महिलाओं को मिली नई दिशा

उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, स्टार्टअप योजना, लखपति दीदी योजना और ट्रिपल तलाक जैसी प्रथा के अंत जैसे कदमों ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया है। इन पहलों के कारण महिलाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।

हर क्षेत्र में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश की एक आदिवासी महिला सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंची है और निर्मला सीतारमण को वित्त मंत्रालय जैसे अहम पद की जिम्मेदारी दी गई है।

राज्य सरकार की योजनाएं और पहल

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार भी महिलाओं के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में यूसीसी लागू किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के जरिए महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

‘लखपति दीदी’ योजना से बढ़ी आर्थिक मजबूती

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में अब तक 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

रैली में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक सविता कपूर, आशा नौटियाल, रेनू बिष्ट, रुचि भट्ट, दीप्ति रावत, नेहा जोशी, हिमानी और रश्मि रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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