व्यापार

बीच समंदर में क्‍या हुआ? भारत आ रहा ईरानी तेल से भरा जहाज चीन की ओर मुड़ा!

अमेरिका द्वारा ईरानी तेल से प्रतिबंध हटाने के बाद भारत ईरानी तेल खरीदने के लिए तैयार है. इस बीच, एक रिपोर्ट का दावा है कि भारत की ओर रहा एक कच्‍चे तेल से भरा जहाज अचानक चीन की ओर मुड़ चुका है. पहले यह जहाज भारत की ओर आ रहा था और 7 सालों में ईरान से भारत की ओर सबसे बड़ी खेप लेकर आ रहा था.

पीटीआई की रिपोर्ट में जहाज ट्रैकिंग फर्म केप्लर के हवाले से कहा गया है कि 2002 में बनी और 2025 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित की गई अफ्रामैक्स जहाज पिंग शुन भारत की ओर आ रहा था, लेकिन अब यह चीन के डोंगयिंग की ओर पहुंचने का संकेत कर रहा है.

इस सप्ताह की शुरुआत में इस जहाज ने भारत के पश्चिमी तट पर स्थित वडीनार पहुंचने का संकेत दिया था, लेकिन बाद में उसने दक्षिण की ओर यू-टर्न ले लिया. हालांकि अभी ये फाइनल रीच नहीं है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह जहाज कभी भी मुड़ सकता है.

4 अप्रैल को आना था भारत

कमोडिटी एनालिटिक्स फर्म केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के खार्ग द्वीप से लगभग 6 लाख बैरल कच्चा तेल ले जा रहा टैंकर पिंग शुन गुजरात के वडीनार बंदरगाह की ओर आना था और उम्मीद थी कि यह जहाज लगभग एक महीने की यात्रा पूरी करके 4 अप्रैल तक भारत के बंदरगाह पर पहुंच जाएगा. लेकिन अब इसके रास्‍ता बदलने की खबर सामने आई है.

क्‍यों मुड़ा ये जहाज? 

अभी तक इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है कि क्‍यों भारत की ओर आ रहा ये जहाज चीन के बंदरगाह पर जाने का संकेत दे रहा है, लेकिन इसका रास्‍ता भी बदल सकता है. अमेरिका ने ईरानी तेल खरीदने के लिए 1 महीने तक प्रतिबंध हटाए हैं.

2019 में बंद हो गई थी ईरानी तेल खरीद 

भारत ने मई 2019 से ईरानी कच्चे तेल की खरीद बंद कर दी है, जब उसने अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान से तेल का आयात रोक दिया था. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समुद्र में मौजूद ईरानी मालवाहक जहाजों पर अस्थायी रूप से जुर्माना माफ कर दिया है, लेकिन भुगतान, माल ढुलाई और बीमा से जुड़े मुद्दों ने संभावित लेन-देन को अभी भी मुश्किल बना दिया है. अमेरिका ने ईरान के समुद्र में मौजूद जहाजों के तेल खरीदने की मंजूरी दी है.

खार्ग पर बड़े एक्‍शन की चेतावनी

गौरतलब है कि ईरान के करीब खार्ग द्वीप के पास ईरान का लगभग 90 फीसदी तेल एक्‍सपोर्ट को मैनेज करता है और यह रणनीतिक तौर पर एक महत्‍वपूर्ण केंद्र है. हाल ही में ट्रंप ने इस सुविधा की कड़ी आलोचना की है और चेतावनी दी है कि अगर तनाव को समाप्‍त करने और होर्मुज को फिर से खोलने की बातचीत सफल नहीं होती है तो बड़ा एक्‍शन लिया जा सकता है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button