उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में तेज बारिश, ऊधम सिंह नगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज

देहरादून। उत्तराखंड में शनिवार को मौसम ने करवट ली और राज्य के विभिन्न जिलों में हल्की से भारी वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, ऊधम सिंह नगर जिले में सर्वाधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जहाँ गुलरभोज में सबसे अधिक 91.5 मिमी वर्षा हुई।

कुमाऊं मंडल: ऊधम सिंह नगर, नैनीताल व चंपावत में झमाझम बारिश

कुमाऊं क्षेत्र के मैदानी व पर्वतीय इलाकों में मानसून की बारिश देखने को मिली:

  • ऊधम सिंह नगर: गुलरभोज (91.5 मिमी), काशीपुर (89.0 मिमी) और गदरपुर (86.0 मिमी)।

  • नैनीताल: कोश्याकुटोली (87.5 मिमी), नैनीताल शहर (78.5 मिमी) और धारी (66.5 मिमी)।

  • चंपावत: पाटी (72.5 मिमी), लोहाघाट (68.5 मिमी) और चंपावत (60.5 मिमी)।

  • अल्मोड़ा व अन्य जिले: अल्मोड़ा के जैंती में 63 मिमी, सितलाखेत में 61.5 मिमी और रानीखेत में 57.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा पिथौरागढ़ (गनाई गंगोली 47.5 मिमी) और बागेश्वर (डंगोली 47 मिमी) में भी वर्षा दर्ज की गई।

गढ़वाल मंडल: देहरादून, पौड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों का हाल

गढ़वाल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला:

  • पौड़ी गढ़वाल: नैनीडांडा (65 मिमी), लैंसडौन (54 मिमी) और कालागढ़ (52.5 मिमी)।

  • देहरादून: निरंजनपुर (57 मिमी), रायवाला (20.5 मिमी) और चकराता (18.5 मिमी)।

  • सीमांत व तीर्थ क्षेत्र:

    • उत्तरकाशी: जानकी चट्टी (43 मिमी), गंगोत्री (41 मिमी) और हर्षिल (33.5 मिमी)।

    • चमोली: पोखरी (42 मिमी), औली (40 मिमी) और गौचर (38.5 मिमी)।

    • रुद्रप्रयाग: अगस्त्यमुनि (26 मिमी), जखोली (25.5 मिमी) और सोनप्रयाग (25 मिमी)।

    • हरिद्वार व टिहरी: हरिद्वार के खानपुर में 23.5 मिमी और टिहरी गढ़वाल के चंबा में 19.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।

आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर, स्थिति पर रखी जा रही नज़र

सचिवालय से जानकारी देते हुए सचिव (आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास) विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre) के माध्यम से प्रदेश भर में मौसम और वर्षा की स्थिति पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  1. मौसम विभाग से निरंतर समन्वय: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।

  2. समयबद्ध अलर्ट: मौसम से जुड़ी चेतावनियों और अलर्ट को आम जनता तक त्वरित गति से पहुँचाया जा रहा है, ताकि लोग समय रहते सतर्क होकर आवश्यक एहतियाती कदम उठा सकें।

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