अंतर्राष्ट्रीय

पानी रोका तो इसे मानेंगे जंग: सिंधु जल पर पाकिस्तान की गीदड़भभकी, शहबाज ने अलापा कश्मीर राग…भारत ने दिया करारा जवाब

पाकिस्तान मुल्क नहीं, गद्दार, आतंकवाद और फरेबों की दुनिया है. पाकिस्तान धोखेबाज है. झूठा और मक्कार है. और तो और…मौका परस्त भी. कभी भारत को गीदड़भभकी देता है तो कभी रो-रोकर दुनिया से सहानुभूति बटोरता है. कुल मिलाकर दुनिया को बरगलाने का एक भी मौका नहीं छोड़ता. अपना मुल्क हो या इंटरनेशनल मंच… हर जगह पाकिस्तान एक ही राग अलापता है. कि भारत ने उसके साथ अन्याय किया. भारत उसे मारता है. भारत उसे पानी नहीं देता है. अबकी यूएनजीए यानी संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का रोना-धोना दिखा है. साथ ही उन्होंने भारत को गीदड़भभकी भी दी है. शहबाज शरीफ ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधे धमकी दी.

शहबाज शरीफ ने पहले तो सिंधु के पानी पर अपने आंसू बहाए. सबके सामने रोने लगे कि देखो भारत हमें पानी नहीं देता. इसके बाद उनके तेवर बदल गए. सीधे धमकी देने लगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या उसका रास्ता बदलने की किसी भी कोशिश को एक्ट ऑफ वॉर यानी युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा. शहबाज शरीफ ने हालिया सैन्य टकराव को बाहरी आक्रमण बताते हुए अपनी सरकार की सुरक्षा नीति के बचाव में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने पाक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की झूठी तारीफ की. ऑपरेशन सिंदूर पर शरीफ ने दावा किया कि मुनीर सेना ने भारतीय सैन्य अभियानों को नाकाम किया.

पाक ने फिर झूठे दावे किए

हालांकि, हर बार की तरह पाकिस्तान ने अमेरिका को खुश करने का यह भी मौका नहीं जाने दिया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि पिछले साल ट्रंप ने एक अहम समय पर हस्तक्षेप कर युद्धविराम कराने में मदद की और दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच सैन्य तनाव को बड़े संघर्ष में बदलने से रोका. शरीफ ने फिर कश्मीर राग अलापा. क्षेत्रीय विवादों पर पाकिस्तान के रुख को दोहराते हुए शहबाज शरीफ ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को लगातार नैतिक, कूटनीतिक और राजनीतिक समर्थन देने का वादा किया. उन्होंने इस मुद्दे के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह कराने की मांग भी दोहराई.

पाकिस्तान को भारत का करारा जवाब

हालांकि, पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के इन दावों पर भारत सरकार ने करारा जवाब दिया. सबके सामने उसकी बोलती बंद कर दी. भारत सरकार के सीनियर सूत्रों ने शहबाज शरीफ के सैन्य सफलता के दावों को तुरंत खारिज कर दिया. भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश की जा रही कहानी पर तंज कसा. भारतीय अधिकारियों ने मजे लेते हुए कहा कि अगर नष्ट हुए रनवे और जले हुए हैंगर पाकिस्तान के नेतृत्व के लिए सैन्य जीत का प्रतीक हैं, तो वे इसका जश्न मनाने के लिए स्वतंत्र हैं.

भारत के टॉप सूत्रों ने यह भी बताया कि पाकिस्तान की ओर से शुरुआत में बड़े पैमाने पर सैन्य हमले करने की सार्वजनिक धमकियां दिए जाने के बावजूद पिछले साल पाकिस्तानी सेना ने आगे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सीधे तौर पर शत्रुता समाप्त करने की गुहार लगाई थी. नई दिल्ली ने दोहराया कि सीमा पार से हुई उकसावे की घटनाओं के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाबी सैन्य कार्रवाई की गई थी. भारत ने कहा कि युद्धविराम पर सहमति बनने से पहले जमीन पर उसकी ऑपरेशनल डेटरेंस यानी सैन्य प्रतिरोध क्षमता स्पष्ट रूप से स्थापित हो चुकी थी.

पानी की सुरक्षा और भू-राजनीतिक डेटरेंस को लेकर तनावपूर्ण स्थिति

संयुक्त राष्ट्र में शहबाज शरीफ के कड़े बयान से सिंधु जल संधि को लेकर बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है. भारत ने पहलगाम अटैक के बाद इस सिंधु संधि को फिलहाल स्थगित कर रखा है. इसके बाद पाकिस्तान लगातार सिंधु के पानी का रोना रो रहा है. वह पानी का रास्ता बदलने को ‘रेड लाइन’ बता रहा है. पाकिस्तान अपने जल संसाधनों से जुड़ी चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने और घरेलू स्तर पर राजनीतिक समर्थन मजबूत करने की कोशिश कर रहा है.

हालांकि, तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को भारत का साफ इनकार और जमीनी स्तर पर पाक एयरबेस के नष्ट होने की बात को जोर-शोर से सामने लाना नई दिल्ली के रुख को स्पष्ट करता है. जैसे-जैसे दोनों देश वैश्विक मंचों पर अपना-अपना पक्ष मजबूत कर रहे हैं, तीखे बयानों से यह संकेत मिलता है कि राजनयिक संबंधों के सामान्य होने में अभी समय लगेगा. वहीं सीमा पर सुरक्षा घेरे की कड़ी निगरानी जारी रहेगी.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button