
रुद्रपुर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड द्वारा 01 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए राज्य में निर्वाचन नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लागू किया गया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और नए मतदाताओं को जोड़ने का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
29 मई से शुरू होगी तैयारी और प्रशिक्षण प्रक्रिया
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 29 मई से 07 जून तक पुनरीक्षण अभियान के लिए तैयारी, प्रशिक्षण और आवश्यक दस्तावेजों के मुद्रण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 08 जून से 07 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे और सत्यापन करेंगे।
उन्होंने बताया कि 07 जुलाई को मतदान केंद्रों और मतदान स्थितियों का युक्तिकरण किया जाएगा, जबकि 14 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
दावे और आपत्तियों के लिए मिलेगा एक माह का समय
निर्वाचन विभाग के अनुसार 14 जुलाई से 13 अगस्त तक नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद 14 जुलाई से 11 सितंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।
अनुपस्थित और स्थानांतरित मतदाताओं की होगी पहचान
जिलाधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र वापस नहीं आए हैं, उनके संबंध में बीएलओ आसपास के लोगों से जानकारी प्राप्त करेंगे। इस प्रक्रिया में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत्यु या डुप्लिकेट नाम जैसे संभावित कारणों की पहचान की जाएगी।
ऐसे मतदाताओं की सूची पंचायत भवन, नगर निकाय कार्यालयों और संबंधित विभागीय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी यह जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
नए मतदाताओं को मौके पर ही दिए जाएंगे फॉर्म-6
जिलाधिकारी ने सभी बीएलओ को निर्देश दिए हैं कि घर-घर भ्रमण के दौरान वे अपने साथ खाली फॉर्म-6 और घोषणा पत्र रखें। इससे जो नागरिक नए मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं, उन्हें तुरंत आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराया जा सकेगा।



