
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली प्रवास के दौरान उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जारी राहत एवं बचाव अभियान की गहन समीक्षा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क साधकर प्रतिकूल मौसम और बर्फबारी के बीच फंसे ट्रैकर्स (पर्वतारोहियों) एवं पोर्टरों की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में फंसे प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
प्रभावितों को तत्काल मिले इलाज और भोजन
मुख्यमंत्री ने राहत कार्य को तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद सभी पर्यटकों और ट्रैकर्स को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेस्क्यू किए गए लोगों को बिना किसी विलंब के त्वरित चिकित्सीय सुविधा, भोजन और आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराई जाएं।
संकट की घड़ी में अतिथियों की सुरक्षा राज्य का दायित्व
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक राज्य का आदरणीय अतिथि है। ऐसे में किसी भी प्राकृतिक आपदा या संकट की स्थिति में उनकी सुरक्षा और सहायता करना राज्य सरकार का नैतिक एवं प्रशासनिक दायित्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बारिश से बंद सड़कों को युद्ध स्तर पर खोलने के आदेश
इसके साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश से हुए नुकसान की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक एवं व्यावहारिक सहायता प्रदान करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बारिश के कारण बंद हुए भूस्खलन प्रभावित मार्गों को तुरंत खोला जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधारीकरण एवं मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।



