उत्तराखंडराज्य

उत्तराखंड 2047: पीएम मोदी के सुझावों पर आधारित समग्र विकास रोडमैप की शुरुआत

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए सुझावों पर अब राज्य सरकार ने अमल शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन सुझावों को आगामी 25 वर्षों के विकास रोडमैप की आधारशिला बताते हुए संबंधित विभागों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विचार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास का स्पष्ट मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की आत्मा अध्यात्म, पर्यटन और प्राकृतिक संपदा में निहित है, और उत्तराखंड को “स्पिरिचुअल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में विकसित किया जा सकता है।

सीएम धामी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में योग केंद्र, आयुर्वेद केंद्र, नैचुरोपैथी संस्थान और होम-स्टे को मिलाकर एक समग्र पर्यटन एवं वेलनेस पैकेज तैयार किया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक वाइब्रेंट विलेज को छोटे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ स्थानीय भोजन, संस्कृति और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिले।

राज्य के पारंपरिक मेलों और पर्वों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए “वन डिस्ट्रिक्ट वन फेस्टिवल” अभियान शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, पहाड़ी जिलों को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ ब्लूबेरी, कीवी, हर्बल और औषधीय पौधों की खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।

सीएम धामी ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग, हस्तशिल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों से जुड़े एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाकर स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएं।

तीर्थाटन, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और बारहमासी पर्यटन को एकीकृत नीति के तहत बढ़ावा देने के साथ ही राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विश्व स्तर पर स्थापित करने के लिए 5-7 प्रमुख स्थलों के विकास की रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने जीआई टैग प्राप्त उत्पादों और “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने की ठोस रणनीति बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न वर्ष 2047 के ‘विकसित भारत’ के अनुरूप है, और उत्तराखंड इस दिशा में अग्रणी राज्य बनने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय से विस्तृत रोडमैप और टाइमलाइन आधारित एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि प्रधानमंत्री के सुझावों को धरातल पर उतारा जा सके।

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