उत्तराखंडराज्य

नानकमत्ता में जनजाति गौरव दिवस: CM धामी ने किए बड़े विकास कार्यों के ऐलान

मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नानकमत्ता में भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने 9.68 करोड़ की लागत से महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता का शिलान्यास किया और नगर निकाय श्री नानकमत्ता के 1 करोड़ रुपये लागत वाले भवन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री की 7 महत्वपूर्ण घोषणाएँ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनजाति समाज और क्षेत्रीय विकास से जुड़े सात बड़े निर्णयों की घोषणा की:

  1. साधु नगर स्थित कैलाश नदी पर पुल का निर्माण

  2. राय सिख भवन के लिए धनराशि का विमोचन

  3. नानकमत्ता बांध को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना

  4. सनातन धर्म उत्थान समिति भवन और मंदिर निर्माण हेतु आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराना

  5. ज्ञानपुर से बरकीडंडी-औदली से डोहरी-एस्था बी से देवीपुरा-गिधौर परसैनी-बैलपड़ाव को जोड़ने वाले सड़क मार्ग का डामरीकरण

  6. पर्वतीय उत्थान समिति के अतिरिक्त कक्ष के लिए धनराशि उपलब्ध कराना

  7. खटीमा के नवनिर्मित बस स्टैंड का नाम “महाराणा प्रताप” रखने की घोषणा।

भगवान बिरसा मुण्डा को श्रद्धांजलि और जनजाति गौरव दिवस

मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हुए सभी को जनजाति गौरव दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन जनजाति समाज की गौरवशाली परंपरा, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करने का अवसर है।

उन्होंने भगवान बिरसा मुण्डा को जनजाति समाज के साहस, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुण्डा ने अल्प आयु में स्वतंत्रता, स्वाधिकार और आत्मसम्मान की चेतना समाज में जागृत की, जिसने पूरे जनजाति समाज को एक नई दिशा प्रदान की।

प्रधानमंत्री मोदी और आदिवासी समाज के विकास के लिए पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुण्डा की जन्म जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि देशभर में लगभग 200 करोड़ की लागत से आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय बनवाए गए हैं, जिससे आदिवासी संस्कृति और योगदान को सम्मान मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रथम नागरिक, श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी, संथाल आदिवासी समाज की बेटी हैं और आदिवासी समाज के विकास के लिए बजट को तीन गुना बढ़ाकर सशक्तिकरण की दिशा में कार्य किया गया है।

आदिवासी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रयास

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जनजाति समाज के कल्याण और जीवन स्तर सुधार के लिए लगातार कार्यरत है। प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड में 128 जनजाति गांवों का चयन किया गया है। इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

राज्य में चार आवासीय एकलव्य विद्यालय (कालसी, मेहरवाना, बाजपुर और खटीमा) संचालित हैं। इसके अलावा, देहरादून के चकराता और बाजपुर में नए विद्यालयों का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। विद्यार्थियों को प्राथमिक से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति और शिक्षा सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं।

जनजाति समाज के लिए अन्य विकास कार्य

  • 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन।

  • जनजाति बेरोजगार युवाओं के लिए तीन आईटीआई कॉलेजों का संचालन।

  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग और स्कॉलरशिप

  • बेटियों के विवाह हेतु 50,000 रुपये की धनराशि

  • जनजाति शोध संस्थान के लिए 1 करोड़ का कोरपस फंड

  • राज्य जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव का आयोजन।

समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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