
नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे में दर्शन
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दौरे की शुरुआत नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेक कर की और क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की।

ऑफ-रोड साइक्लिंग रैली को हरी झंडी
मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता से आयोजित ऑफ-रोड साइक्लिंग रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं को खेल व फिटनेस के प्रति प्रेरित किया।

बिरसा मुंडा जयंती पर जनजाति गौरव दिवस समारोह
150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 967.98 लाख की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता का शिलान्यास किया और नगर निकाय नानकमत्ता के एक करोड़ की लागत से निर्मित नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई सात प्रमुख घोषणाएँ
1. कैलाश नदी पर पुल निर्माण
साधु नगर स्थित कैलाश नदी पर नये पुल के निर्माण की घोषणा।
2. राय सिख भवन हेतु धनराशि
राय सिख भवन के निर्माण के लिए धन अवमुक्त करने का निर्णय।
3. नानकमत्ता बाँध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना
नानकमत्ता बाँध क्षेत्र को एक आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
4. सनातन धर्म उत्थान समिति भवन व मंदिर निर्माण
समिति के भवन व मंदिर निर्माण हेतु विशेष धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
5. प्रमुख ग्रामीण सड़कों का डामरीकरण
ज्ञानपुर से बरकीडण्डी, औदली से डोहरी, एस्था बी से देवीपुरा, गिधौर परसैनि और बैलपड़ाव को जोड़ने वाले सड़क मार्गों का डामरीकरण किया जाएगा।
6. पर्वतीय उत्थान समिति के लिए अतिरिक्त कक्ष
पर्वतीय उत्थान समिति के अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु धनराशि दी जाएगी।
7. खटीमा के नवनिर्मित बस स्टेशन का नामकरण
खटीमा के नवनिर्मित बस स्टेशन का नाम महाराणा प्रताप बस स्टेशन रखा जाएगा।
बिरसा मुंडा के योगदान को भावपूर्ण नमन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जनजाति समाज के स्वाभिमान, साहस और संघर्ष के अमर प्रतीक हैं। अल्प आयु में उन्होंने स्वतंत्रता और अधिकारों के लिए जो जागृति फैलाई, वह देश को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने जनजाति समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण किया और समाज को संगठित कर नई दिशा प्रदान की।

प्रधानमंत्री के आदिवासी सशक्तिकरण प्रयासों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित करना ऐतिहासिक निर्णय है। देशभर में 200 करोड़ की लागत से आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्रहालय बन रहे हैं, जिससे उनकी संस्कृति को सम्मान मिला है। आदिवासी समाज के बजट में तीन गुना वृद्धि, वन-धन योजना, एकलव्य मॉडल स्कूल, जनजाति उन्नत ग्राम अभियान जैसी योजनाएँ आदिवासी समुदाय को सशक्त कर रही हैं।

उत्तराखंड में जनजाति कल्याण हेतु प्रयास
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 128 गाँवों को जनजाति उन्नत ग्राम अभियान में शामिल किया गया है, जिनमें बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक सशक्तिकरण पर कार्य हो रहा है। राज्य में चार आवासीय एकलव्य विद्यालय संचालित हो रहे हैं तथा चकराता और बाजपुर में नए विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। जनजाति छात्रों को प्राथमिक से स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु नि:शुल्क कोचिंग, 3 आईटीआई कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा जैसी सुविधाएँ दी जा रही हैं। जनजाति समाज की बेटियों के विवाह हेतु 50,000 रुपये सहायता, जनजाति शोध संस्थान हेतु 1 करोड़ का फंड तथा प्रतिवर्ष जनजाति महोत्सव और खेल महोत्सव का आयोजन सरकार द्वारा किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों का स्वागत एवं आभार
कार्यक्रम में विधायक गोपाल सिंह राणा और पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा ने सभी अतिथियों का स्वागत कर जनजाति गौरव दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने क्षेत्र में सड़कों और महाविद्यालय निर्माण हेतु मुख्यमंत्री का आभार जताया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टूरना, विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



