
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में ‘डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन’ की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
एसोसिएशन की 5 प्रमुख मांगें और आंदोलन की चेतावनी
बैठक में एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण 17 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जा रहा है। एसोसिएशन की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
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वेतनमान लाभ: 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रथम पदोन्नति पद का वेतनमान देना।
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पद क्रियाशील करना: स्वास्थ्य उपकेंद्रों के लिए पूर्व में सृजित 391 फार्मेसी अधिकारी पदों को पुनः क्रियाशील करना।
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विनियम लागू करना: ‘फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015’ को प्रदेश में लागू करना।
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दवा वितरण का अधिकार: चिकित्सकों की अनुपस्थिति में निर्धारित औषधियां देने के लिए फार्मेसी अधिकारियों को अधिकृत करना।
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देयकों का भुगतान: चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित बकायों का जल्द से जल्द भुगतान करना।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश
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फार्मेसी अधिकारियों के पद व रेगुलेशन: मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को 391 सृजित पदों से संबंधित प्रस्ताव तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने और दवाएं देने के अधिकार पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। (महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य ने बताया कि इस हेतु समिति गठित कर दी गई है।)
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वेतनमान एवं एसीपी मामला: वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों को प्रथम एसीपी (ACP) लाभ देने की मांग पर स्वास्थ्य विभाग को भारत सरकार के नियमों के तहत परीक्षण कर सूचना देने के निर्देश दिए गए।
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चारधाम यात्रा के बकाये भुगतान पर नाराजगी: चारधाम यात्रा ड्यूटी के लंबित देयकों का भुगतान न होने पर मंत्री ने सख्त नाराजगी जताई और विभाग को 15 दिनों के भीतर सभी लंबित बकायों का भुगतान करने के आदेश दिए।
ग्रामीण व पर्वतीय स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में फार्मेसी अधिकारी एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी जायज समस्याओं का नियमानुसार समाधान किया जाना अनिवार्य है।
बैठक में उपस्थिति
इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, वित्त सचिव दिलीप जावलकर, चिकित्सा स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सुनीता टम्टा, अपर सचिव गंगा प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी और डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



