
उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के तत्वावधान में सितारगंज नगर में उत्तरायणी कौतिक घुघूती त्यार के अवसर पर रविवार को भव्य और आकर्षक रंगयात्रा निकाली गई। रंगयात्रा में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक वैभव देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।
मां नंदा–सुनंदा के डोले के साथ सजी रंगयात्रा
रंगयात्रा में मां नंदा और सुनंदा का डोला प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। यात्रा को सुंदर और मनमोहक झांकियों से सजाया गया था, जिनमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराएं और धार्मिक आस्था की झलक देखने को मिली।
उत्तरायणी कौतिक का विधिवत शुभारंभ
उत्तरायणी कौतिक घुघूती त्यार का शुभारंभ सामाजिक कार्यकर्ता एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी फकीर सिंह कन्याल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तरांचल सांस्कृतिक विकास समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट ने की।
नगर भ्रमण करती रंगयात्रा
सिडकुल रोड स्थित पर्वतीय रामलीला परिसर से प्रारंभ हुई रंगयात्रा जेल रोड और खटीमा रोड से होते हुए रामलीला मैदान पहुंची। यात्रा के दौरान पूरे नगर में उत्सव का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह रंगयात्रा का स्वागत किया।
लोक गीत और नृत्य बने आकर्षण का केंद्र
रामलीला मैदान में पहुंचने पर लोक कलाकारों ने मधुर गीतों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगयात्रा की अगुवाई कर रहे मां नंदा–सुनंदा के डोले के साथ उत्तराखंड की परंपरा और लोक नृत्यों की सुंदर झलक देखने को मिली। भगवान राधा-कृष्ण नृत्य, पारंपरिक छोलिया नृत्य और लोक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
तीन दिवसीय उत्तरायणी मेले का आयोजन
समिति अध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट ने जानकारी दी कि उत्तरायणी कौतिक घुघूती त्यार के उपलक्ष्य में श्री रामलीला ग्राउंड में तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ते हैं।
लोक गीतों पर झूमे दर्शक
कार्यक्रम के दौरान लाली हो लाली होसिया, पधानी लाली तील धारो बोला, मोहना तू बैठि रैछि मेर दिल मां जैसे लोक गीतों पर दर्शक झूम उठे। संस्कार सांस्कृतिक एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के कलाकारों ने भी बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।
बाल छोलिया दल ने मोहा मन
रंगयात्रा में बाल छोलिया दल विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए छोलिया नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।



