एल नीनो का खतरा: सरकार ने बढ़ाई तैयारी, मानसून में सुधार के साथ 350.85 लाख हेक्टेयर में हुई खरीफ की बुवाई

पिछले एक हफ्ते के दौरान देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बेहद सक्रिय हो गया है. इसकी वजह से महाराष्ट्र से लेकर मध्य प्रदेश, ओडिशा तक कई हिस्सों में तेज़ बारिश रिकॉर्ड की गयी है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, जून में 33 प्रतिशत कम बारिश के बाद जुलाई में स्थिति में सुधार आया है और 07 जुलाई तक यह कमी घटकर 17 प्रतिशत रह गई है. हालांकि देश के कई हिस्सों में इस मॉनसून सीजन के दौरान अब तक औसत से कम बारिश रिकॉर्ड की गयी है. देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं. इसकी वजह से महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुआई पर असर पड़ रहा है.
बुवाई में आएगी तेजी : कृषि मंत्रालय
कृषि मंत्रालय के मुताबिक, हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश की वजह से कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर 178 रह गई है. सरकार को उम्मीद है कि जुलाई में बारिश और रफ्तार पकड़ेगी, जिससे खरीफ बुवाई में तेजी आएगी.
रख रहे हैं विशेष निगरानी : शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री, शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद कहा – महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह के मुताबिक, “देश में फिलहाल 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 91.95 लाख हेक्टेयर कम है. मॉनसून में देरी का असर सोयाबीन और कपास पर पड़ा है, लेकिन किसानों को मक्का, बाजरा और मूंग जैसी कम अवधि और कम पानी वाली फसलों की बुवाई की सलाह दी गई है.
सरकार ने इस चुनौती के लिए पहले ही अप्रैल से तैयारी शुरू कर दी थी. आईसीएआर के सहयोग से प्रभावित होने की संभावना वाले जिलों के लिए कंटिंजेंसी प्लान तैयार कर राज्यों के साथ साझा किए गए हैं”. केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 262 संवेदनशील जिलों की पहचान की है जिनपर कृषि मंत्रालय कड़ी नज़र रख रहा है. मंत्रालय ने 15 अतिरिक्त प्रभावित जिलों की भी पहचान की है जहां बारिश की कमी बनी हुई है.
सरकार की ऐसी है तैयारी
- किसी भी स्थिति में बुवाई प्रभावित न हो इसके लिए करीब 1.75 लाख क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार तैयार रखा गया है
- किसान क्रेडिट कार्ड अभियान के तहत 30 जून तक 1.14 लाख आवेदनों में से 94 हजार से अधिक को स्वीकृति दी जा चुकी है.
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की भागीदारी बढ़ाया जायेगा ताकि नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
अल नीनो का खतरा अभी टला नहीं!
मौजूदा जलवायु मॉडल पूर्वानुमानों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पर एल नीनो के प्रभाव बने रहने की आशंका है. अल नीनो की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कृषि मंत्रालय में मॉनिटरिंग सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है. अल-नीनो मॉनिटरिंग सेल, क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम और नियुक्त अधिकारी लगातार मानसून, बुवाई, फसल और बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.


