अंतर्राष्ट्रीय

‘पाकिस्तान को वे नहीं जानते’, बिलावल भुट्टो ने भारत को दी गीदड़भभकी, सिंधु जल संधि पर रोक से बौखलाए

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरादीर ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत के खिलाफ जहर उगला है। सिंधु जल संधि पर इस्लामाबाद में आयोजित एक सेमिनार में बिलावल ने भारत को गीदड़भभकी दी और कहा कि अगर किसी को लगता है कि पाकिस्तान सिंधु को सौंप देगा तो वे पाकिस्तान को नहीं जानते। पीपीपी चेयरमैन ने कहा कि पाकिस्तान अपने पानी, अपने लोगों, अपनी संधि और अपने भविष्य की रक्षा करेगा।

सेमिनार को संबोधित करते हुए बिलावल ने कहा, “अगर किसी को लगता है कि पाकिस्तान सिंधु को सौंप देगा, तो वे पाकिस्तान को नहीं जानते। वे सिंध को नहीं जानते। वे पंजाब को नहीं जानते। वे बलूचिस्तान को नहीं जानते। वे खैबर पख्तूनख्वा को नहीं जानते। वे उन लोगों को नहीं जानते जो हजारों सालों से इन नदियों के किनारे रहते आए हैं।”

हम शांति चाहते हैं, लेकिन सम्मान के साथ। हम बातचीत चाहते हैं, लेकिन कानून के दायरे में। हम साथ-साथ रहना चाहते हैं, लेकिन घुटने टेककर नहीं। इसलिए इस सेमिनार से, इस शहर से, इस क्षण से एक संदेश जाना चाहिए। पाकिस्तान अपने पानी, अपने लोगों, अपनी संधि, अपनी संप्रभुता और अपने भविष्य की रक्षा करेगा।

भारत को बिलावल की गीदड़भभकी

बिलावल ने खोखली चेतावनियां जारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के जल अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का राष्ट्रीय स्तर पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को साफ-साफ बात करनी चाहिए। सिंधु कोई दबाव बनाने का जरिया नहीं है। सिंधु कोई मोलभाव करने की चीज नहीं है। सिंधु कोई ऐसा हथियार नहीं है जिसे भारत के हाथों में सौंप दिया जाए।”

पीपीपी नेता ने सिंधु नदी को पाकिस्तान की लाइफलाइन बताया और कहा कि उस जीवन रेखा को फांसी का फंदा बनाने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान के अस्तित्व के लिए खतरा माना जाना चाहिए। यही वह संदेश है जो पाकिस्तान को भारत और दुनिया तक पहंचाना चाहिए।

पाकिस्तान में पानी का संकट

पीपीपी नेता की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सिंधु जल संधि पर भारत की रोक के बाद पाकिस्तान में पानी का संकट बढ़ गया है। सिंध और बलूचिस्तान जैसे कृषि इलाकों में पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। बिलावल की खोखली चेतावनियों को पानी पर बढ़ती चिंता के बीच अपने देश में लोगों का समर्थन जुटाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

बिलावल ने माना कि सिंधु नदी को लेकर भारत के साथ विवाद आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि पानी के मुद्दे को सिर्फ तकनीकी विवाद के तौर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले के तौर पर देखा जाना चाहिए।

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