अंतर्राष्ट्रीय

बांग्लादेश में नहीं थम रहा हिंदुओं की हत्या का सिलसिला, दुकान में बैठे शख्स को उतारा मौत के घाट

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच, देश के नरसिंगदी जिले में एक और हिंदू व्यक्ति की हत्या कर दी गई। किराने की दुकान के मालिक शरत चक्रबोर्ती मणि की सोमवार रात कथित तौर पर हत्या कर दी गई। बांग्लादेश में पिछले 24 घंटों में यह दूसरी ऐसी घटना है।

बांग्लादेश के समाचार चैनल ब्लिट्ज के हवाले से TOI ने बताया कि शरत चक्रबोर्ती मणि पर सोमवार रात करीब 10 बजे नरसिंगदी जिले में धारदार हथियारों से हमला किया गया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मणि पर उस समय हमला हुआ जब वह अपनी दुकान चला रहा था। स्थानीय लोग उसे अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।

मणि ने इससे पहले दक्षिण कोरिया में काम किया था और कुछ साल पहले बांग्लादेश लौट आए थे। बाद में उन्होंने नरसिंगदी कस्बे के ब्रह्मंडी में एक घर बनाया, जहां वे अपने परिवार के साथ रहते थे।

फैक्ट्री मालिक को मारी गई गोली

इस घटना से कुछ घंटे पहले, 45 वर्षीय एक फैक्ट्री मालिक को झारसोर जिले में गोली मार दी गई थी। राणा प्रताप, जो एक फैक्ट्री के मालिक थे और स्थानीय अखबार के कार्यकारी संपादक भी थे, को सोमवार को शाम लगभग 6 बजे मनीरामपुर उप-जिले के कोपालिया बाजार क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी।

बांग्लादेश पूजा उत्सव समिति के अध्यक्ष बासुदेव धर ने बताया, “हमें सूचना मिली है कि जेस्सोर के केशबपुर इलाके में राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।” बांग्ला दैनिक प्रोथोम आलो के अनुसार, 38 वर्षीय मृतक खुलना डिवीजन के जेस्सोर जिले के केशबपुर उपजिला के अरुआ गांव का निवासी था।

मनोहरपुर यूनियन परिषद के अध्यक्ष अख्तर फारुक मिंटू ने बताया कि प्रताप पिछले दो वर्षों से कोपलिया बाजार में एक बर्फ का कारखाना चला रहा था। सोमवार शाम को कुछ लोगों ने उसे कारखाने से बाहर बुलाया, पास की एक गली में ले गए और गोली मार दी।

स्थानीय निवासी रिपन हुसैन ने बताया कि हमलावर मोटरसाइकिल पर आए थे। उन्होंने बताया कि प्रताप से बहस के बाद उन्होंने उसके सिर में कई गोलियां मारीं और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि शव के पास से सात खाली कारतूस बरामद हुए हैं।

मनीरामपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी मोहम्मद रजीउल्लाह खान ने बताया कि प्रताप के सिर में तीन गोलियां लगी थीं और उसका गला भी काट दिया गया था। सूचना मिलते ही हम घटनास्थल पर पहुंचे। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हम इस मामले में शामिल लोगों की जांच कर रहे हैं।”

बता दें कि भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर चिंता व्यक्त करता रहा है।

इससे पहले 3 जनवरी को खोकन चंद्र दास (50) की बेरहमी से हमला करके, चाकू से काटकर और जलाकर हत्या कर दी गई थी। 24 दिसंबर को राजबारी कस्बे के पांगशा उपजिला में एक हिंदू व्यक्ति अमृत मंडल की कथित जबरन वसूली के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

18 दिसंबर को मयमनसिंह शहर में दीपू चंद्र दास (25) की भीड़ ने कथित ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी और उनके शव को आग लगा दी।

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