
देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाली पीजी छात्रा डॉ. तनवी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने मेडिकल शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मामले में मृतका के पिता ने कॉलेज की विभागाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है।
कार में अचेत अवस्था में मिली छात्रा
पटेलनगर क्षेत्र में स्थित मेडिकल कॉलेज की एमएस (ऑप्थैल्मोलॉजी) की छात्रा डॉ. तनवी सड़क किनारे खड़ी अपनी कार में अचेत अवस्था में पाई गईं। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने कार का शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत महंत इंद्रेश अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता ने लगाए उत्पीड़न के गंभीर आरोप
मृतका के पिता डॉ. ललित मोहन, जो हरियाणा के अंबाला सिटी के निवासी हैं, ने इस मामले में कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को मानसिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पढ़ाई के दौरान बढ़ा तनाव
शिकायत के अनुसार, डॉ. तनवी सितंबर 2023 से एमएस (नेत्र रोग) की पढ़ाई कर रही थीं। पिछले कुछ महीनों से वह लगातार तनाव में थीं। आरोप है कि दिसंबर 2025 में विभागाध्यक्ष बदलने के बाद उनकी लॉग बुक में कम अंक दिए जाने लगे और उन्हें फेल करने की धमकी भी दी जाती थी।
अतिरिक्त पैसों की मांग का आरोप
परिजनों का यह भी आरोप है कि नियमित फीस जमा करने के बावजूद छात्रा से अतिरिक्त पैसों की मांग की जा रही थी। इस कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं।
घटना से पहले किया था पिता से संपर्क
घटना से पहले डॉ. तनवी ने अपने पिता से फोन पर बातचीत की थी और अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। उन्होंने रात करीब 11:15 बजे घर आने का संदेश भी भेजा, लेकिन इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका।
कार के अंदर मिले संदिग्ध साक्ष्य
जब परिजन देहरादून पहुंचे तो अस्पताल मार्ग पर खड़ी कार में उन्हें अचेत अवस्था में पाया गया। कार अंदर से लॉक थी, उनके हाथ में कैनुला लगा हुआ था और अंदर इंजेक्शन से जुड़ी सामग्री भी मिली, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है।
मानसिक स्वास्थ्य उपचार की भी जानकारी आई सामने
महंत इंद्रेश अस्पताल के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, छात्रा पहले से मानसिक स्वास्थ्य उपचार ले रही थीं और इससे पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थीं। हालांकि, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
पटेलनगर थाना पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है।



