
देहरादून/चम्पावत: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जनपद चम्पावत के बनबसा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के समग्र विकास और जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों की घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के संतुलित विकास और स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इसी प्रतिबद्धता के तहत मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा और टनकपुर क्षेत्र के विकास के लिए 4 प्रमुख घोषणाएँ कीं:
1. पट्टेदारों का होगा त्वरित विनियमितीकरण
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे एवं तराई-भाभर स्टेट के पट्टे की भूमि के पट्टेदारों के विनियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाएगी। इस फैसले से वर्षों से भू-स्वामित्व अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे हजारों पट्टेदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
2. शारदा व कैनाल कॉरिडोर: प्राचीन मंदिरों का कायाकल्प
धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शारदा कॉरिडोर एवं कैनाल कॉरिडोर के अंतर्गत बनबसा और टनकपुर के प्राचीन व पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण किया जाएगा। इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
3. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज का विस्तार
शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, टनकपुर के विस्तारीकरण हेतु 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की गई। इस निर्णय से संस्थान में नए शैक्षणिक परिसरों का निर्माण हो सकेगा और युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा एवं सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
4. पीएम आवास योजना (शहरी): बेघरों को मिलेंगे पक्के मकान
बनबसा और टनकपुर शहरी निकायों के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत सरकारी भूमि पर लंबे समय से कच्चे व अस्थायी भवनों में रह रहे नागरिकों को पक्के एवं स्थायी आवास उपलब्ध कराए जाएँगे। इससे सीमांत क्षेत्र के निर्धन परिवारों को सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन जीने की सुविधा मिलेगी।
“अंतिम व्यक्ति तक पहुँचेगा विकास का लाभ”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना है। बनबसा और टनकपुर जैसे सीमांत क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, पर्यटन, उच्च शिक्षा और आवास जैसी प्राथमिकताओं पर तेज़ी से काम किया जा रहा है, ताकि सीमांत क्षेत्रों को राज्य के समग्र विकास की मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ा जा सके।



