
देहरादून: उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने नैनीताल के पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री दिनेश आर्य पर अपना भरोसा जताते हुए उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। भाजपा के इस ऐलान के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों, विशेषकर कुमाऊं क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त, 16 अक्टूबर को मतदान
उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल इस वर्ष नवंबर में समाप्त हो रहा है। रिक्त हो रही इस सीट के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 16 अक्टूबर को मतदान की तिथि निर्धारित की गई है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही भाजपा के अंदर दावेदारों के नामों को लेकर गहन मंथन जारी था। प्रदेश संगठन की ओर से संभावित प्रत्याशियों का एक पैनल केंद्रीय चुनाव समिति को भेजा गया था, जिस पर विचार-विमर्श के बाद अंतिम मुहर दिनेश आर्य के नाम पर लगाई गई।
संगठन में लंबा अनुभव और वर्तमान जिम्मेदारी
दिनेश आर्य लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और पार्टी के प्रति निष्ठा के लिए जाने जाते हैं:
-
संगठनात्मक भूमिका: वे नैनीताल जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।
-
वर्तमान दायित्व: वर्तमान में वे राज्य सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री हैं और राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष का पद संभाल रहे हैं।
-
चयन का आधार: उनका संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्र में सक्रियता और समर्पण ही उनके चयन का मुख्य आधार माना जा रहा है।
कुमाऊं क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में उत्साह
दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाए जाने की खबर मिलते ही नैनीताल सहित पूरे कुमाऊं मंडल के पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल है।
-
क्षेत्रीय संतुलन: पार्टी के इस कदम को कुमाऊं क्षेत्र को मजबूत प्रतिनिधित्व देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
-
आगामी प्रक्रिया: प्रत्याशी पद की घोषणा के उपरांत अब निर्वाचन संबंधी वैधानिक प्रक्रियाएँ और नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य पूर्ण किया जाएगा।
16 अक्टूबर को होने वाले मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर अब पूरे प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं।



