उत्तर प्रदेशराज्य

उत्तराखंड में विधानसभा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू, मतदाताओं की सहायता के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क सक्रिय

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तराखंड में विधानसभा निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत 8 जून 2026 से कर दी गई है। इस महत्वपूर्ण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो सके।

मतदाताओं की सुविधा के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं को बेहतर सहायता प्रदान करने के लिए राज्य स्तर से लेकर सभी जिलों में कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नागरिक विशेष पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा अपनी निर्वाचन संबंधी समस्याओं का समाधान भी करा सकते हैं।

राज्य स्तर पर नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उत्तराखंड द्वारा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी को इस अभियान का राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मतदाताओं की सहायता के लिए राज्य स्तरीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-3300-1950 भी जारी किया गया है।

जिलों में हेल्प डेस्क अधिकारियों की तैनाती

राज्य के विभिन्न जिलों में भी नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर समेत सभी जिलों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले के लिए निर्वाचन आयोग का टोल-फ्री नंबर 1950 भी उपलब्ध रहेगा, जहां नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकते हैं।

1950 हेल्पलाइन के उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित जिले के भीतर से 1950 नंबर सीधे डायल किया जा सकता है। हालांकि यदि किसी अन्य जिले से संपर्क करना हो तो संबंधित जिले का एसटीडी कोड लगाना अनिवार्य होगा। इससे मतदाताओं को सही जानकारी और समय पर सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।

बीएलओ से सीधे संपर्क करने की सुविधा

मतदाता अब भारत निर्वाचन आयोग के वोटर्स पोर्टल पर उपलब्ध “बुक ए कॉल विद बीएलओ” सुविधा का लाभ उठाकर अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस सेवा का उपयोग करने के लिए मतदाता को अपना ईपीआईसी नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। यह सुविधा मतदाता सूची से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान में मददगार साबित होगी।

साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन आयोग, बीएलओ अथवा कोई भी अधिकृत निर्वाचन अधिकारी कभी भी किसी मतदाता से ओटीपी नहीं मांगता है। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी साझा करने से बचें।

गणना फॉर्म समय पर जमा करने की अपील

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि वे बीएलओ द्वारा उपलब्ध कराए गए गणना फॉर्म को सावधानीपूर्वक सही जानकारी के साथ भरें और निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करें। इससे मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने में सहायता मिलेगी।

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