
चम्पावत। जिले में कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य मनःप्रभावी औषधियों की अवैध बिक्री को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
औचक निरीक्षण में मेडिकल स्टोरों की जांच
जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशानुसार लोहाघाट और बाराकोट क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान औषधि निरीक्षक हर्षिता ने कुल आठ खुदरा और थोक मेडिकल प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच में बाराकोट क्षेत्र के दो मेडिकल स्टोरों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं, जिसके आधार पर दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन की सिफारिश की गई है।
औषधियों की बिक्री के सख्त निर्देश
निरीक्षण के समय सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देशित किया गया कि अनुसूची ‘H’ एवं ‘H1’ में शामिल समस्त औषधियाँ, जिनमें एंटीबायोटिक्स भी शामिल हैं, केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही बेची जाएँ। प्रत्येक बिक्री पर कैश मेमो या बिल जारी करना तथा उसका विधिवत अभिलेख रखना अनिवार्य है। मनःप्रभावी औषधियाँ और एंटीबायोटिक्स बिना डॉक्टर के लिखित प्रिस्क्रिप्शन के देने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जिलाधिकारी ने जारी किया कड़ा संदेश
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में इस प्रकार के सघन निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि औषधियाँ केवल लाइसेंसधारी और पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें और किसी भी अनियमितता या संदेह की स्थिति में तुरंत औषधि प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई मेडिकल संचालक लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध Drugs and Cosmetics Act के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



