
देहरादून के डालनवाला क्षेत्र स्थित सिल्वर सिटी मॉल में 13 फरवरी को हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में देहरादून पुलिस और उत्तराखण्ड एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले में फरार छह अभियुक्तों पर एसएसपी देहरादून ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
हत्या की जानकारी और प्रारंभिक जांच
13 फरवरी को कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि मॉल में अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति को गोली मारी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को तुरंत कब्जे में लिया और उसकी पहचान अमन विहार, रायपुर निवासी विक्रम शर्मा के रूप में हुई। गंभीर स्थिति के कारण उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस और एसटीएफ ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फोरेंसिक साक्ष्य इकट्ठा किए।
मृतक के परिचित अखिलेश सिंह की तहरीर पर कोतवाली डालनवाला में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
मृतक का आपराधिक इतिहास
जांच में यह सामने आया कि विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था और हत्या, हत्या के प्रयास तथा रंगदारी जैसे मामलों में पहले से ही आरोपित था। पुलिस ने झारखंड से जुड़े सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
घटना के प्रमुख सुराग
सीसीटीवी और सर्विलांस फुटेज से पता चला कि तीन हमलावर बाइक से आए थे और वारदात के बाद सहस्त्रधारा रोड पर वाहन छोड़कर दूसरी बाइक और स्कूटी से हरिद्वार की ओर फरार हो गए।
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त अपाचे बाइक बरामद की, जो पूर्वी सिंहभूम (झारखंड) निवासी जितेंद्र कुमार साहु के नाम पर पंजीकृत थी। हरिद्वार में किराए पर ली गई बाइक और स्कूटी का भुगतान झारखंड से जुड़े व्यक्तियों की आईडी और यूपीआई के जरिए किया गया था।
इसके अतिरिक्त, आरोपियों के काले रंग की स्कॉर्पियो (जेएच-05-डीजेड-5517) से भागने का सुराग भी मिला। वाहन की जांच में यह जमशेदपुर स्थित सारिका इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर यशराज के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
गिरफ्तार आरोपी और पूछताछ
19 फरवरी को पुलिस टीम ने जमशेदपुर में राजकुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में वाहन उपयोग और अन्य साथियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद 23 फरवरी को ग्रेटर नोएडा के अल्फा-2 अपार्टमेंट से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर को हिरासत में लेकर देहरादून लाया गया और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य साजिशकर्ता आशुतोष सिंह अपने साथियों अंकित वर्मा, विशाल सिंह और अन्य के साथ मिलकर कई महीनों से विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बना रहे थे। हत्या की योजना पहले जमशेदपुर और नोएडा में बनाई गई थी, लेकिन सही अवसर नहीं मिला। करीब तीन माह पहले अंकित वर्मा ने उसी जिम में ज्वाइन किया था, जहां विक्रम नियमित रूप से जाता था। घटना वाले दिन भी जिम में उसकी मौजूदगी की सूचना साथी अपराधियों को दी गई, और जैसे ही विक्रम जिम से बाहर निकला, उसे गोली मार दी गई।
आरोपियों का भागना और मददगार
वारदात के बाद आरोपी हरिद्वार से किराए के वाहन लेकर वहां से स्कॉर्पियो में नोएडा पहुंचे। मोहित ने आरोपियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की। पुलिस ने षड्यंत्र में उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया।
फरार आरोपियों पर इनाम
गिरफ्तार अभियुक्तों में अक्षत ठाकुर और राजकुमार शामिल हैं। जबकि अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश कुमार प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहु अभी फरार हैं। सभी वांछित आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
देहरादून पुलिस और एसटीएफ उत्तराखण्ड की संयुक्त टीम ने स्पष्ट किया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और शीघ्र ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



