
देहरादून स्थित बीजापुर गेस्ट हाउस में शनिवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में उत्तराखंड के सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उनके उत्तराखंड आगमन पर स्वागत और अभिनंदन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहे।
गब्बर सिंह नेगी की स्मृति से जुड़ा प्रतीक चिन्ह किया भेंट
भेंट के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को प्रथम विश्व युद्ध के महानायक एवं गढ़वाल राइफल्स के वीर सैनिक गब्बर सिंह नेगी की स्मृति से संबंधित विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किया। इसके माध्यम से उन्हें उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा और वीरता की विरासत से अवगत कराया गया।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड लंबे समय से देश को वीर सैनिक प्रदान करता रहा है और प्रदेश की सैन्य परंपरा राष्ट्र के लिए गर्व का विषय है।
सैनिकों के योगदान को बताया अतुलनीय
बैठक के दौरान पूर्व सैनिकों और सैन्य अधिकारियों ने उत्तराखंड की सैन्य विरासत, पूर्व सैनिकों के कल्याण तथा राष्ट्र निर्माण में सैनिकों की भूमिका से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता को बनाए रखने में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सैनिकों के त्याग, बलिदान और समर्पण का सदैव सम्मान करता रहेगा।
पूर्व सैनिकों के कल्याण पर हुआ विचार-विमर्श
बैठक में पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं, सैन्य परंपराओं के संरक्षण और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए तथा सैन्य मूल्यों को समाज में और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।
वरिष्ठ सैन्य अधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर मेजर जनरल प्रबोध सरन राणा, मेजर जनरल अभय कार्की, मेजर जनरल एस.एस. नेगी, ब्रिगेडियर के.जी. बहल, कर्नल आर.एस. भंडारी, कर्नल पवन वाही, कर्नल शर्मा, कर्नल आर.एस. क्षेत्री, कैप्टन दिनेश प्रधान, नायब सूबेदार विक्रम कंडारी, कैप्टन बिष्ट तथा पीटीआर शमशेर सिंह बिष्ट सहित अनेक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड की सैन्य विरासत को मिला सम्मान
कार्यक्रम ने एक बार फिर उत्तराखंड की समृद्ध सैन्य परंपरा और देश सेवा में राज्य के योगदान को रेखांकित किया। साथ ही पूर्व सैनिकों के सम्मान, उनके कल्याण और युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के संकल्प को भी मजबूती प्रदान की।



