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संजू सैमसन को मिली बड़ी सजा! टी20 वर्ल्ड कप से कटा पत्ता, कप्तान ने दिया संकेत

सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ जमकर अभ्यास किया। 5 मैच की टी20 सीरीज को भारत ने 4-1 से अपने नाम किया। सीरीज के दौरान भारत ने कई एक्सपेरिमेंट किए। इसमें सबसे बड़ा पॉजिटिव ईशान किशन रहे। ईशान किशन को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में बतौर बैकअप विकेट कीपर जगह मिली थी। मगर वो कहते हैं ना किस्मत कब पलट जाए ये किसी को भी नहीं पता होता। तिलक वर्मा के चोटिल होने की वजह से किशन को प्लेइंग XI में जगह मिली और इस खिलाड़ी ने मौके को दोनों हाथों से लपका।

ईशान किशन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग कर सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि उन्होंने अब टीम मैनेजमेंट के लिए एक बड़ा सिरदर्द खड़ा कर दिया है।

किशन की इस रेड हॉट फॉर्म को देखकर टीम मैनेजमेंट भी उन्हें प्लेइंग XI से बाहर करने की नहीं सोचेगी। ऐसे में सवाल यही है कि तिलक वर्मा की वापसी के बाद किसका पत्ता कटेगा।

क्रिकेट के गलियारों में इसका जवाब ‘संजू सैमसन’ बताया जा रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन का बल्ला एकदम खामोश रहा, वह 5 मैचों में 50 रन भी नहीं बना पाए। वहीं सैमसन का टीम से पत्ता कटने की बात को तूल उस समय मिला जब ईशान किशन ने आखिरी टी20 में शतक जड़ने के बाद विकेट कीपिंग भी की।

हालांकि मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि ईशान किशन को क्यों पांचवें टी20 में विकेट कीपिंग का मौका दिया गया। सूर्या ने खुलासा किया कि सीरीज शुरू होने से पहले ही तय हो गया ता कि संजू पहले तीन मैच में विकेट कीपिंग करेंगे, वहीं आखिरी दो मुकाबलों में ईशान किशन को मौका मिलेगा। हालांकि पांचवें टी20 मैच में भारतीय टीम शीट में संजू सैमसन के नाम के आगे विकेट कीपर लिखा हुआ था।

सूर्यकुमार यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “तिलक (वर्मा) के न होने की वजह से दोनों कीपर पहले दिन से खेल रहे थे। हमने सीरीज से पहले ही तय कर लिया था कि संजू तीन मैचों में विकेटकीपिंग करेंगे और ईशान दो मैचों में। दुर्भाग्य से, ईशान चोट की वजह से पिछला मैच नहीं खेल पाए, लेकिन वैसे भी उन्हें आज विकेटकीपिंग करनी थी।”

ईशान की बैटिंग पर सूर्या ने कहा कि टीम किशन के स्किलसेट के बारे में जानती थी और वे नहीं चाहते थे कि वह अपना गेम बदलें, क्योंकि वे उन्हें एक “गेम-चेंजर” के तौर पर देखते थे।

भारतीय कप्तान ने कहा, “हम हमेशा जानते थे कि वह क्या कर सकते हैं और हमने इस सीरीज से पहले घरेलू क्रिकेट में उनकी बैटिंग देखी थी। हम चाहते थे कि वह उसी तरह बैटिंग करें और अपनी पहचान न बदलें। वह वहां ओपनिंग कर रहे थे, और यहां वह नंबर तीन पर बैटिंग कर रहे थे। लेकिन हम चाहते थे कि वह गेम-चेंजर बनें, उन्होंने जिस तरह से बैटिंग की, उससे एक मजबूत बयान दिया है। मुझे उनके और अभिषेक शर्मा के साथ बैटिंग करने में बहुत मजा आया, वे दोनों विपक्षी टीम को गेम से बाहर कर देते हैं।”

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