
सितारगंज के राइस मिलरों ने आगामी धान खरीद सीजन में ‘कच्चे आढ़त’ के जरिए धान की खरीद करने में असमर्थता जताई है। इस संबंध में मिलरों ने तहसीलदार हिमांशु जोशी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है।
राइस मिलरों की प्रमुख समस्याएं
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₹600 करोड़ का लंबित भुगतान: वर्ष 2019 से वर्ष 2025 तक का लगभग 600 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक अटका हुआ है।
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चावल का उठान न होना: पिछले खरीद सीजन का लगभग 7 लाख कुंतल चावल गोदामों में पड़ा है, जिसका उठान (उतार) अभी तक नहीं हो सका है।
चार सूत्रीय मांगों पर अड़े मिलर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने चार सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए स्पष्ट किया है कि यदि शासन और प्रशासन द्वारा उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे आगामी सीजन में धान की खरीद नहीं कर सकेंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद पदाधिकारी इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ सिंघल, महामंत्री दर्पण खुराना, कोषाध्यक्ष अर्पित गर्ग, विनय मित्तल, कृष्ण कुमार गर्ग, सुरेश अग्रवाल और नरेश कंसल मुख्य रूप से मौजूद रहे।



