
देहरादून में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ की ओर से “मानकों के माध्यम से साइबर सुरक्षा और सूचना अखंडता को सुदृढ़ करना” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में आईएस/आईएसओ/आईईसी 27001:2022 के अनुरूप सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (आईएसएमएस) के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर जागरूकता बढ़ाना रहा।
डिजिटल शासन में सूचना सुरक्षा मानकों की अहम भूमिका
सेमिनार का उद्घाटन बीआईएस देहरादून के प्रमुख एवं निदेशक सौरभ तिवारी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल शासन के वर्तमान युग में सरकारी संस्थानों और नागरिकों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस दिशा में सूचना सुरक्षा से जुड़े मानक न केवल साइबर खतरों से सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि डेटा की गोपनीयता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित करते हैं।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
सेमिनार के तकनीकी सत्रों को लीड ऑडिटर एवं सूचना सुरक्षा विशेषज्ञ जी. रामा मूर्ति ने संबोधित किया। उन्होंने सार्वजनिक प्रशासन में सूचना सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और संगठनों की लचीलापन क्षमता यानी रेजिलिएंस बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, सूचना सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के प्रख्यात विशेषज्ञ डॉ. वी. चंद्रशेखर ने आईएसएमएस के प्रभावी कार्यान्वयन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आईएसएमएस को शासन प्रणाली और जोखिम प्रबंधन ढांचे के साथ एकीकृत कर साइबर सुरक्षा और सूचना अखंडता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।
आईएसओ 27001:2022 के कार्यान्वयन की प्रक्रिया पर जानकारी
बीआईएस अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को बीआईएस प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही आईएस/आईएसओ/आईईसी 27001:2022 के कार्यान्वयन की प्रक्रिया, इसके लाभ तथा आवश्यक चरणों की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई, जिससे सरकारी विभागों को मानकों को अपनाने में सुविधा हो सके।
राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की रही सक्रिय भागीदारी
इस सेमिनार में उत्तराखंड राज्य सरकार के कई विभागों और प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। इनमें इसरो (आरएस), उत्तराखंड अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, समाज कल्याण विभाग, विधिक मापविज्ञान विभाग, सीआरपीएफ, लोक निर्माण विभाग, आईआईटी रुड़की, आईटीडीए उत्तराखंड, यूपीसीएल, आईसीएफआरई, एफसीआई सहित अन्य विभाग शामिल रहे।
संवादात्मक सत्र के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सरकारी संगठनों में साइबर सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में बीआईएस की इस पहल की सराहना की और इसे समय की आवश्यकता बताया।



