
देहरादून। पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली के लिए लगातार संघर्षरत राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (एनओपीआरयूएफ) उत्तराखण्ड ने अपने संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त बनाते हुए चिकित्साधिकारी डॉ. नीतू कार्की को प्रदेश महिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इस मनोनयन को संगठन की मजबूती और महिला कर्मचारियों की बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कर्मचारियों के बीच एकता और समन्वय को मिलेगा बढ़ावा
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.पी. सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संगठन का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कर्मचारी संगठनों, बैंक कर्मियों, अधिकारियों, शिक्षकों तथा अन्य संवर्गों के कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय और एकजुटता स्थापित करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
संगठनात्मक अनुशासन के पालन पर विशेष जोर
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने डॉ. नीतू कार्की को निर्देशित किया है कि संगठन की ओर से आयोजित किए जाने वाले किसी भी कार्यक्रम से पूर्व राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही उनसे अपेक्षा की गई है कि वे संगठन के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी तथा सभी वर्गों को साथ लेकर संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेंगी।
महिला कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने में निभाएंगी अहम भूमिका
बी.पी. सिंह रावत ने नव नियुक्त पदाधिकारी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. नीतू कार्की के नेतृत्व में महिला कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी और संगठनात्मक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।
उच्च अधिकारियों को भेजी गई मनोनयन की प्रतिलिपि
डॉ. नीतू कार्की के मनोनयन संबंधी आदेश की प्रतिलिपि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल के आयुक्तों, प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों तथा प्रदेश कोर कमेटी सहित संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है।



