
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि राज्य में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊँ मंडलों में एक-एक “स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन” की स्थापना की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संतुलन और प्राकृतिक स्वरूप की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
शिव कथा में मुख्यमंत्री की उपस्थिति और दीप प्रज्ज्वलन
मुख्यमंत्री एम.बी. इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा आयोजित शिव कथा में शामिल हुए। उन्होंने सहज ज्योति पूजन में भाग लिया और 108 थाली ज्योति का प्रज्ज्वलन कर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के श्रीचरणों में शीश नवाना आत्मिक अनुभव को और अधिक गहन बनाता है।
दिव्य गुरु आशुतोष महाराज और सकारात्मक समाज निर्माण
मुख्यमंत्री ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा समाज में सकारात्मक सोच फैलाने के प्रयासों की सराहना की और संस्थान के संस्थापक दिव्य गुरु परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी की साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा ने असंख्य लोगों को धर्म, सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर प्रेरित किया है।
कुमाऊँ क्षेत्र का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुमाऊँ अंचल सदियों से धर्म, अध्यात्म और सांस्कृतिक चेतना का केंद्र रहा है। प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक संदर्भों में यहां के मंदिर, शिवालय और पवित्र जल स्रोत उल्लेखनीय हैं, जो इस भूमि की सनातन और शैव परंपरा को प्रमाणित करते हैं। ऐसे पवित्र क्षेत्र में शिव कथा का आयोजन इसे और अधिक दिव्य बनाता है।
देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत और सरकारी प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है। इसी प्रेरणा के साथ राज्य सरकार देवभूमि की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि:
-
मानसखंड मंदिर माला मिशन कॉरिडोर के माध्यम से कुमाऊँ के प्राचीन मंदिरों को नई पहचान दी जा रही है।
-
हरिपुर-कालसी में यमुना तीर्थ पुनरुद्धार, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
शिक्षा और संस्कृति के अध्ययन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज” की स्थापना की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के निर्णय केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देवभूमि की मूल पहचान और प्राकृतिक स्वरूप की रक्षा के लिए साहसिक और कठोर कदम भी उठाए गए हैं।
उत्तराखंड के सर्वोत्तम राज्य बनने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार का विकल्प-रहित संकल्प दृढ़ और निष्ठापूर्वक जारी है।
समापन और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर विधायक कालाढुंगी बंशीधर भगत, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी.सी., संस्थान के पदाधिकारी, शिवभक्त और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



