
सितारगंज में बाजार क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर नगर पंचायत प्रशासन ने शुक्रवार शाम व्यापक अभियान चलाया। इस दौरान सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर सामान फैलाकर अतिक्रमण करने वाले 22 दुकानदारों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। इनमें से 10 व्यापारियों ने मौके पर ही जुर्माने की राशि जमा कर दी।
अभियान के दौरान बाजार में मचा हड़कंप
नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी प्रियंका रैक्वाल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने मुख्य बाजार सहित आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। टीम ने उन दुकानदारों को चेतावनी देते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, जिन्होंने दुकानों के बाहर तक सामान फैलाकर रास्ता घेर रखा था। प्रशासन की कार्रवाई से बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पहले चेतावनी, फिर चालानी कार्रवाई
नगर पंचायत प्रशासन की ओर से पहले भी व्यापारियों को कई बार अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा चुकी थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं होने पर अधिकारियों ने सख्त कदम उठाते हुए चालान काटे। इस कार्रवाई के दौरान व्यापार मंडल से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और एक वार्ड सभासद पर भी जुर्माना लगाया गया।
व्यापारियों और कर्मचारियों के बीच हुई नोकझोंक
अभियान के दौरान कुछ व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध किया, जिससे नगर पंचायत कर्मियों और व्यापारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। हालांकि प्रशासनिक टीम ने सख्त रुख बनाए रखा और अभियान को जारी रखा।
आवागमन में हो रही थी परेशानी
अधिशासी अधिकारी प्रियंका रैक्वाल ने बताया कि बाजार क्षेत्र में बढ़ते अतिक्रमण के कारण आम लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी। कई बार समझाने और नोटिस देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके चलते प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि आगे भी अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



