
देहरादून में जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन से मुलाकात की और नामी निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से की जा रही कथित लूट-खसोट, इलाज में लापरवाही और मृत मरीजों के नाम पर अत्यधिक बिल थोपने के मामलों पर कड़े कदम उठाने की मांग की।
विशेष विजिलेंस सेल की सिफारिश
नेगी ने चिकित्सकों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त निगरानी में विशेष विजिलेंस सेल गठित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इस सेल के गठन से आईसीयू और वेंटिलेटर में भर्ती मरीजों, मृतकों और आपात स्थिति वाले रोगियों के मामलों की निष्पक्ष जांच संभव हो सकेगी।
नए अस्पताल खोलने के मानकों में सुधार
साथ ही उन्होंने नए अस्पताल खोलने के मानकों में आमूलचूल बदलाव की सिफारिश करते हुए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि सरकारी अस्पतालों को केवल रेफरल सेंटर बनाकर निजी अस्पतालों को लाभ पहुंचाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए नियमों को कड़ाई से लागू करना जरूरी है।
मरीजों को राहत और कथित वसूली पर रोक
नेगी ने कहा कि प्रस्तावित सेल के गठन से आयुष्मान कार्ड और गोल्डन कार्ड के नाम पर की जा रही कथित वसूली पर रोक लगेगी और नकद भुगतान करने वाले मरीजों को भी राहत मिलेगी।
संघर्ष जारी रखने का आश्वासन
जन संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए अपना संघर्ष लगातार जारी रखेगा। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में भीम सिंह बिष्ट और अंकुर वर्मा भी मौजूद रहे।



