
देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्यधाम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। शनिवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
सैन्यधाम की भव्यता और दिव्यता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सैन्यधाम की भव्यता, दिव्यता और सांस्कृतिक गरिमा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने बताया कि यह सैन्यधाम आने वाले समय में करोड़ों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। देशभर के प्रसिद्ध स्मारकों का गहन अध्ययन कर इसकी संरचना और रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे यह स्थल ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से विशेष बन सके।
प्रधानमंत्री की परिकल्पना और राज्य सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट
मंत्री जोशी ने कहा कि सैन्यधाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना पर आधारित और उत्तराखण्ड सरकार का महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस परिसर में भारतीय सेना के श्रद्धा और साहस के प्रतीक बाबा हरभजन सिंह और बाबा जसवंत सिंह के मंदिरों का निर्माण किया गया है, जो सैन्य परंपरा और वीरता का प्रतीक हैं।
जनरल बिपिन रावत के नाम पर मुख्य द्वार
सैन्यधाम का मुख्य द्वार देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और उत्तराखण्ड के गौरव स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत के नाम पर निर्मित किया गया है। मंत्री ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से समय लेकर शीघ्र ही सैन्यधाम का भव्य लोकार्पण कराया जाएगा।
सैन्यधाम बनेगा नया आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र
मंत्री गणेश जोशी ने विश्वास जताया कि जिस प्रकार चारधाम यात्रा के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उत्तराखण्ड पहुंचते हैं, उसी तरह भविष्य में सैन्यधाम भी देश और दुनिया के लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण और श्रद्धा का केंद्र बनेगा।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर केंद्रीय सैनिक बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर दिग्विजय सिंह बसेरा, डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर आर.एस. थापा, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल, निदेशक श्याम सिंह, परियोजना निदेशक रविंद्र कुमार, लक्ष्मण सिंह रावत, कैप्टन दिनेश प्रधान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



