
हरिद्वार में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। अवैध खनन से जुड़े एक ऑडियो सामने आने के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी में तैनात पूरे स्टाफ को निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देश पर की गई, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
संदिग्ध भूमिका सामने आने पर हुई कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार इकबालपुर क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े मामले में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। जब इस मामले से संबंधित एक ऑडियो सामने आया तो प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चौकी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
छह पुलिसकर्मी किए गए निलंबित
इस कार्रवाई के तहत इकबालपुर पुलिस चौकी के प्रभारी समेत कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। निलंबित अधिकारियों में उपनिरीक्षक नवीन सिंह चौहान (चौकी प्रभारी), हेड कांस्टेबल विरेन्द्र शर्मा, हेड कांस्टेबल हरेन्द्र, कांस्टेबल विपिन कुमार, कांस्टेबल देवेश सिंह और कांस्टेबल प्रदीप शामिल हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दे दिए हैं।
मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी गई
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की जांच एसपी देहात को सौंप दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा है कि राज्य में अवैध खनन, भ्रष्टाचार या किसी भी तरह की अनियमितता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, यदि वही अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतते हैं या गलत गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच निष्पक्ष और तेजी से पूरी की जाए। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



