उत्तराखंडराज्य

रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लैब तकनीशियन, देहरादून में मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान भारी हंगामा

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर सैकड़ों डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ‘मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ’ के बैनर तले एकजुट हुए इन युवाओं ने गांधी पार्क से मुख्यमंत्री आवास की ओर उग्र रैली निकाली। हालांकि, जैसे ही प्रदर्शनकारियों का हुजूम हाथीबड़कला क्षेत्र में पहुंचा, पुलिस प्रशासन ने पहले से की गई बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोक लिया।

पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद सड़क पर ही शुरू हुआ धरना

बैरिकेडिंग पर रोके जाने से आक्रोशित युवाओं और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जब आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिला, तो सभी प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। युवाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी उपेक्षा पर गहरा रोष प्रकट किया।

26 साल बाद भी 1994 की पुरानी नियमावली, संगठन ने लगाए गंभीर आरोप

संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र और प्रदेश महासचिव मयंक राणा ने सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा पिछले एक महीने से एकता विहार में शांतिपूर्ण ढंग से अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

पदाधिकारियों ने तकनीकी शिक्षा और रोजगार नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बाद भी चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल लैब तकनीशियनों के लिए कोई नई सेवा नियमावली नहीं बनाई गई है। आज भी विभाग वर्ष 1994 की पुरानी नियमावली के भरोसे चल रहा है। वर्तमान में राज्य के 80 से अधिक निजी संस्थानों और 4 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लैब टेक्नोलॉजी के कोर्स तो चल रहे हैं, लेकिन डिग्री पूरी होने के बाद इन प्रशिक्षित युवाओं के लिए पदों का सृजन नहीं किया जा रहा है।

प्रशासन की मध्यस्थता: सोमवार को स्वास्थ्य सचिव के साथ होगी अहम बैठक

सड़क पर बढ़ते तनाव को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से लंबी वार्ता की। प्रशासन की मध्यस्थता के बाद स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय से फोन पर बात कराई गई। इसके साथ ही संगठन को एक लिखित आश्वासन भी दिया गया कि सोमवार दोपहर 12 बजे संगठन का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ्य सचिव के साथ उनकी चार सूत्रीय मांगों पर औपचारिक टेबल वार्ता करेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के निजी सचिव ने भी आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री स्तर पर भी जल्द बातचीत का प्रयास किया जाएगा।

कूच स्थगित, लेकिन एकता विहार में जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना

प्रशासन से मिले लिखित आश्वासन और सोमवार को होने वाली वार्ता के तय होने के बाद संगठन ने मुख्यमंत्री आवास कूच के कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। हालांकि, संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि एकता विहार स्थित धरना स्थल पर उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं ले लेती। इस बड़े प्रदर्शन में संघ के उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, कोषाध्यक्ष देवेंद्र दत्त, संगठन मंत्री अनुराग पंत समेत भारी संख्या में बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियन मौजूद रहे।

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