क्या पेट्रोल ₹10 और डीजल ₹12 महंगा होने वाला है? सरकार ने बताया वायरल खबर का सच

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की खबरें छाई हुई हैं। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने ऐसे दावों की पड़ताल की। उसने इन्हें सरासर गलत बताया। पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘यह आदेश फेक यानी झूठा है। भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। ऐसी खबरों की पुष्टि हमेशा केवल आधिकारिक सरकारी स्रोतों से ही करें।’
यह क्लैरिफिकेशन तब आया जब सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट वायरल हो रही थीं, जिनमें कहा गया था कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 10 रुपये और 12.5 रुपये बढ़ा दी हैं।
सीबीआई ने भी किया खंडन
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने भी एक अलग पोस्ट जारी कर इस तरह की खबरों को झूठा बताया है। उसने कहा है कि ऐसी खबरों को हमेशा सिर्फ सरकारी सोर्स से ही वेरिफाई करें।
टीएमसी नेता ने लगाया आरोप
इससे पहले, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्य नीलांजन दास ने एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच ईंधन की कीमतें बेशर्मी से बढ़ा दी हैं।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला जारी है जहां 29 अप्रैल को मतदान का दूसरा चरण शुरू हुआ। केरल, असम, पुडुचेरी और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं। उनके नतीजे 4 मई को आएंगे।
राहुल गांधी ने भी दी थी चेतावनी
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी 28 अप्रैल को चेतावनी दी थी कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा दी जाएंगी।
उन्होंने सरकार पर ग्लोबल क्रूड ऑयल की कम कीमतों से मुनाफा कमाने का आरोप लगाते हुए हमला बोला। कहा कि अब जब कीमतें बढ़ रही हैं तो सरकार इसका बोझ जनता पर डालेगी।
राहुल गांधी ने दावा किया था, ‘चुनावी राहत खत्म, अब महंगाई की मार पड़ने वाली है! 29 अप्रैल के बाद सावधान रहें – पेट्रोल, डीजल, सब कुछ महंगा हो जाएगा।’
गांधी ने एक्स पर हिंदी में किए गए एक पोस्ट में कहा,
‘जब (कच्चा) तेल सस्ता था तो मोदी सरकार ने सारा मुनाफा अपनी जेब में डाल लिया। अब जब यह महंगा हो गया है तो वे इसका बोझ आप पर डाल देंगे।’


