
सितारगंज में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 57वीं वाहिनी द्वारा वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमावर्ती गांव सिसैया में 15 दिवसीय व्यावसायिक सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
महिलाओं को मिला प्रशिक्षण और प्रमाण-पत्र
समापन अवसर पर 20 प्रतिभागी महिलाओं को सिलाई टूल किट और प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह प्रशिक्षण महिला जनजाति सेवा समिति के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्र की महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरणा
57वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए उन्हें स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस कौशल का उपयोग कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं और समाज के विकास में योगदान दे सकती हैं।
सुरक्षा और जागरूकता पर जोर
कमांडेंट ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एसएसबी सीमावर्ती क्षेत्रों में देश विरोधी गतिविधियों, तस्करी और विशेष रूप से मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सुरक्षा बलों की “आंख और कान” बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर उप कमांडेंट अनिल कुमार यादव, सहायक कमांडेंट दिनेश कुमार यादव, ग्राम प्रधान कु. शीतल पासवान, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन, महिला जनजाति सेवा समिति की श्रीमती गंगा राणा, सुरेश सिंह मौर्य तथा मुख्य प्रशिक्षिका श्रीमती प्रीति राणा सहित कई लोग उपस्थित रहे।



