
देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर बेरोजगार मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले लैब तकनीशियनों का अनिश्चितकालीन धरना रविवार को छठे दिन भी जारी रहा। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे तकनीशियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की और जल्द समाधान की मांग की।
मांगों को लेकर सरकार पर दबाव
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और पीछे नहीं हटेंगे।
पूर्व राज्य आंदोलनकारी का समर्थन
धरना स्थल पर पूर्व राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान भी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर त्रिस्तरीय बैठक कराने का प्रयास करेंगे। इस प्रस्तावित बैठक में संगठन के प्रतिनिधियों के साथ स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य महानिदेशक तथा कार्मिक एवं वित्त विभाग के अधिकारियों को शामिल करने की बात कही गई।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
रविंद्र जुगरान ने कहा कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अभी भी रेफरल सेंटर की तरह काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब तक उत्तर प्रदेश की पुरानी नियमावली में आवश्यक बदलाव नहीं कर पाई है, जिसके कारण लैब तकनीशियनों के पदों का विज्ञापन जारी नहीं हो सका।
प्रमुख मांगें
धरनारत तकनीशियनों की मुख्य मांगों में आईपीएचसी मानकों के अनुसार पद सृजन, वर्षवार मेरिट के आधार पर नियुक्ति, आयु सीमा में एकमुश्त छूट और सरकारी लैबों के निजीकरण पर रोक शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इन मांगों का समाधान समय की आवश्यकता है।
बड़ी संख्या में तकनीशियनों की भागीदारी
धरना स्थल पर संघ के अध्यक्ष आशीष खाली, महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट सहित कई पदाधिकारी और तकनीशियन मौजूद रहे। इनमें डॉली पोखरियाल, तरुणा जगूड़ी, शैफाली, प्रीति, राजमोहन नेगी, प्रवीण पंवार, लोकेंद्र भट्ट, राहुल देव, विकास अवस्थी, अमित जोशी और संजय जोशी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।



