
देहरादून में गढ़ी कैंट स्थित जसवंत सिंह आर्मी ग्राउंड में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने रिमोट बटन दबाकर परियोजना का लोकार्पण किया। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री ने 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया और डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

त्योहारों की शुभकामनाएं और चारधाम यात्रा पर जोर
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैशाखी और बीहू की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है और यह नया कॉरिडोर तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुगम बनाएगा।
राज्य के विकास में ‘डबल इंजन सरकार’ की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपने गठन के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और अब विकास की गति तेज हो रही है। उन्होंने “डबल इंजन सरकार” की नीतियों और जनता के सहयोग को राज्य की प्रगति का प्रमुख आधार बताया।

संविधान और समान नागरिक संहिता पर विचार
B. R. Ambedkar की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के निर्णय संविधान की भावना को मजबूत कर रहे हैं। साथ ही उत्तराखंड द्वारा लागू समान नागरिक संहिता को देश के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
इंफ्रास्ट्रक्चर बना विकास की ‘भाग्य रेखा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल, रोपवे और जलमार्ग देश के विकास की नई “भाग्य रेखाएं” बन रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे उत्तराखंड में कई बड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

चारधाम परियोजनाओं से बदलती तस्वीर
चारधाम महामार्ग, रेल परियोजनाएं और केदारनाथ-हेमकुंड रोपवे को राज्य के विकास की धुरी बताते हुए उन्होंने कहा कि अब दूर-दराज के गांवों तक सड़क पहुंच रही है, जिससे पलायन की समस्या में भी कमी आ रही है।
तेज रफ्तार से बदलता भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का भारत अभूतपूर्व गति और व्यापकता के साथ विकास कर रहा है। दिल्ली मेट्रो का विस्तार, मेरठ से बेहतर कनेक्टिविटी, नोएडा एयरपोर्ट और अब यह नया कॉरिडोर—ये सभी देश की बदलती तस्वीर को दर्शाते हैं।
कॉरिडोर से यात्रा, व्यापार और पर्यटन को लाभ
इस इकोनॉमिक कॉरिडोर के बनने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और किसानों को अपने उत्पाद जल्दी बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही पर्यटन को भी इससे बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन को सालभर बढ़ावा देने की पहल
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकार की विंटर टूरिज्म और “वेड इन उत्तराखंड” जैसी पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड सालभर पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है। आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्होंने पर्यटकों की बढ़ती संख्या पर भी प्रकाश डाला।
प्रकृति और विकास के बीच संतुलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए “प्रगति, प्रकृति और संस्कृति” का संतुलन जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड मार्ग बनाया गया है।
स्वच्छता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश
उन्होंने लोगों से देवभूमि को स्वच्छ बनाए रखने और प्लास्टिक प्रदूषण से बचने की अपील की। साथ ही आगामी कुम्भ मेले और नंदा देवी राज जात यात्रा जैसे आयोजनों को राज्य की सांस्कृतिक पहचान बताया।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
महिला आरक्षण पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के तहत वर्ष 2029 तक संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
सैन्य परंपरा को नमन
प्रधानमंत्री ने Jaswant Singh Rawat के शौर्य को याद करते हुए उत्तराखंड की गौरवशाली सैन्य परंपरा को सलाम किया। उन्होंने वन रैंक-वन पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए पूर्व सैनिकों के सम्मान की प्रतिबद्धता दोहराई।
विकसित भारत के संकल्प की ओर
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार “देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति” के मार्ग पर चलते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।



