उत्तराखंडराज्य

जिला गंगा समिति की बैठक में सीडीओ सख्त, बिना जीपीएस वाले सीवर टैंक वाहनों पर होगी कार्रवाई

रूद्रपुर। जिला गंगा समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने जनपद में स्वच्छता, सीवर प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में नमामि गंगे और एनजीटी की गाइडलाइन के प्रभावी अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया।

सभी सीवर टैंक वाहनों में जीपीएस अनिवार्य

मुख्य विकास अधिकारी ने नगर निकायों को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी सरकारी और निजी सीवर टैंक वाहनों में शत-प्रतिशत जीपीएस सिस्टम लगाया जाए। उन्होंने कहा कि इन वाहनों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए ताकि सीवर निस्तारण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

बिना पंजीकरण वाले वाहनों को किया जाएगा सीज

सीडीओ दिवेश शाशनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो निजी सीवर टैंक वाहन बिना पंजीकरण के संचालन कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए वाहनों को सीज किया जाए। उन्होंने कहा कि सीवर टैंक वाहन केवल एसटीपी प्लांट में ही सीवर डालें, अन्य स्थानों पर सीवर फेंकने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कूड़ा निस्तारण कार्य में तेजी लाने के निर्देश

नगर आयुक्त नगर निगम काशीपुर और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका किच्छा को एक माह के भीतर कूड़ा निस्तारण कार्य पूरा करने और उसकी फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि लिगेसी वेस्ट का नियमित निस्तारण किया जाए और कहीं भी कूड़ा डंप न होने पाए।

खटीमा में एफएसटीपी प्लांट लगाने की तैयारी

बैठक में खटीमा में एफएसटीपी प्लांट स्थापित करने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता पेयजल निगम को निर्देश दिए कि प्लांट के लिए स्टीमेट तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाए।

ग्राम पंचायतों में कूड़ा प्रबंधन पर जोर

सीडीओ ने जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था के लिए 15 दिन के भीतर नगर निकायों से ओएमयू कराया जाए। साथ ही ग्राम पंचायतों से निकलने वाले कूड़े को नजदीकी निकायों में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी को औद्योगिक संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि कोई उद्योग बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी नदी या नालों में छोड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।

बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण के निर्देश

मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि निजी और सरकारी अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट का निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित निस्तारण कराया जाए।

बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में डीएफओ यूसी तिवारी, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम सुनील जोशी, एसीएमओ डॉ. डीपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एसपी सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और नामित सदस्य उपस्थित रहे।

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