राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से शिक्षा व चिकित्सा सेवाओं में सुधार

देहरादून। राज्य सरकार ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज और पं. रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज, रूद्रपुर में विभिन्न संकायों के लिए एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन नियुक्तियों से कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी दूर होगी और छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा व प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा।
मेडिकल शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण में सुधार होगा, बल्कि शोधात्मक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इससे सम्बद्ध अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध होगी।
चयन प्रक्रिया और समिति
राज्य भर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लगातार विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जा रही है, ताकि चिकित्सा छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सके। इस उद्देश्य के तहत हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक साक्षात्कार समिति का गठन किया गया, जो वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर रही है।
चयनित विशेषज्ञ चिकित्सक और उनके विभाग
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज
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रेडियो डायग्नोसिस: डॉ. ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी (प्रोफेसर)
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माइक्रोबायोलॉजी: डॉ. मनीष कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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बल्ड बैंक: डॉ. सनोबर शमीम (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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आर्थोपेडिक्स: डॉ. मयंक सिंघल (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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एंटीनेटल चाइल्ड केयर: डॉ. सारा गुलेरिया (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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मेटरनिटी चाइल्ड हेल्थ केयर: डॉ. रूचि कर्नाटक (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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एनेस्थेसिया: डॉ. पूजा सांगोले व डॉ. इशिता बहुखंडी (असिस्टेंट प्रोफेसर)
पं. रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज, रूद्रपुर
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आब्स एंड गायनी: डॉ. प्रेरणा छाबड़ा (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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ईएनटी: डॉ. ललित सिंह पोखरिया (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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माइक्रोबायोलॉजी: डॉ. मयूरी श्रीवास्तव (असिस्टेंट प्रोफेसर)
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स्किन रोग विभाग: डॉ. चिराग सैनी (असिस्टेंट प्रोफेसर)
सभी चयनित चिकित्सकों की नियुक्ति संविदा के माध्यम से आगामी तीन वर्ष या नियमित नियुक्ति होने तक के लिए की गई है।
लाभ और प्रभाव
चिकित्सा शिक्षा और क्लीनिकल सेवाओं में इन नियुक्तियों से गुणवत्ता में सुधार होगा। इससे छात्रों को उन्नत शिक्षा और प्रशिक्षण मिलेगा और अस्पतालों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।
मंत्री की टिप्पणी
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह कदम न केवल संकाय को मजबूत करेगा बल्कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च और क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ाएगा।