
देहरादून। संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून के पदाधिकारियों ने समाज कल्याण मंत्री खजानदास से भेंट कर वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
भरण-पोषण नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली, 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। साथ ही राज्य और जनपद स्तर पर संबंधित समितियों के गठन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि बुजुर्गों से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री खजानदास ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित सचिव और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
समितियों के गठन की प्रगति की होगी समीक्षा
मंत्री ने बताया कि जल्द ही समाज कल्याण विभाग के अधिनियम के अंतर्गत अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक समितियों के गठन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया में वरिष्ठ नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि उनके सुझावों के आधार पर बेहतर निर्णय लिए जा सकें।
स्वास्थ्य, सुरक्षा और सेवाओं पर विशेष फोकस
उन्होंने कहा कि आगामी बैठकों में वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, पेंशन, संचार और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही पुलिस थानों, अस्पतालों, परिवहन केंद्रों और सरकारी कार्यालयों में बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक प्राथमिकता देने के निर्देश सुनिश्चित किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नागरिक शामिल
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में गिरीश चन्द्र, नरेश चन्द्र, कुला श्री, मुकेश नारायण, महासचिव सुशील त्यागी, सचिव देवेंद्र पाल ‘मोंटी’, अश्वनी कुमार बख्शी, खुशवीर सिंह, प्रकाश नागिया, डॉ. दिनेश सक्सेना, केशव चन्द्र उनियाल, डॉ. राकेश डंगवाल, रजनीश मित्तल, एल.आर. कोठियाल, जसवीर सिंह, ठाकुर शेर सिंह और एस.के. गुप्ता सहित कई वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।



