
पिथौरागढ़ के झूलाघाट से सटे नेपाल के बैतड़ी जिले में गुरुवार 5 फरवरी की रात एक बेहद दुखद सड़क दुर्घटना सामने आई। इस भीषण हादसे में 13 बारातियों की जान चली गई, जबकि 34 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बारात लेकर जा रही बस खाई में गिरी
मिली जानकारी के अनुसार, एक बस बारात को लेकर बैतड़ी जिले की पुरचुंणी नगरपालिका-7 स्थित भवने गांव से दुल्हन लेकर बजांग जिले के सुनकुडा गांव जा रही थी। यात्रा के दौरान पुरचुंणी क्षेत्र के बड़गांव मोड़ पर बस अचानक अनियंत्रित हो गई और लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए।
रात के अंधेरे में चला राहत और बचाव कार्य
दुर्घटना की सूचना मिलते ही नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ), स्थानीय पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अंधेरा और दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के बावजूद बचाव दल ने कड़ी मशक्कत कर घायलों को खाई से बाहर निकाला और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।
इलाज के दौरान बढ़ी मृतकों की संख्या
जिला प्रहरी कार्यालय बैतड़ी के प्रवक्ता निरीक्षक बलदेव बडू के अनुसार, हादसे में 6 बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद 5 लोगों ने डडेलधुरा अस्पताल में और 2 ने कोटिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों का डडेलधुरा अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि कुछ को बेहतर उपचार के लिए धनगढ़ी रेफर किया गया है।
चालक हिरासत में, ओवरलोडिंग बनी हादसे की वजह
इस दुर्घटना में बस चालक विरेंद्र बुढा, निवासी भीमदत्त नगरपालिका-7 कंचनपुर, को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने घायल चालक को अपने नियंत्रण में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस क्षमता से अधिक सवारियों के कारण ओवरलोड थी। अधिक भार के चलते चढ़ाई के दौरान बस संतुलन खो बैठी और यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
क्षेत्र में शोक की लहर, सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। साथ ही भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, पहाड़ी मार्गों पर वाहन नियंत्रण और ओवरलोडिंग जैसी गंभीर समस्याओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।



