
रुद्रपुर के भारतीयम इंटरनेशनल स्कूल, लालपुर में देवभूमि शतरंज एसोसिएशन द्वारा स्वर्गीय श्री धीरज सिंह रघुवंशी मेमोरियल ओपन शतरंज प्रतियोगिता का पांच दिवसीय आयोजन शुरू किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन ऑल इंडिया शतरंज फेडरेशन और उत्तराखंड शतरंज फेडरेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, अध्यक्ष फेंसिंग फेडरेशन एशिया राजीव मेहता और अध्यक्ष शतरंज फेडरेशन इंडिया भरत सिंह चौहान ने दीप प्रज्वलित कर किया।
देशभर के 260 खिलाड़ियों की भागीदारी
इस राष्ट्रीय स्तर की ओपन शतरंज प्रतियोगिता में देशभर से कुल 260 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी अपनी रणनीति और मानसिक क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य शतरंज खेल को बढ़ावा देना और युवा प्रतिभाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करना है।

शतरंज के महत्व पर जिलाधिकारी का संबोधन
मानसिक विकास के लिए उपयोगी खेल
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि शतरंज एक ऐसा खेल है जिसे कहीं भी और कभी भी खेला जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर शतरंज की सभी जानकारियां उपलब्ध हैं, जिससे बच्चे आसानी से इस खेल को सीख सकते हैं।
दिमाग को तेज करने में सहायक
उन्होंने यह भी कहा कि शतरंज खेलने से मानसिक क्षमता मजबूत होती है और यह दिमाग को सक्रिय बनाए रखता है। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि यह खेल उम्र बढ़ने के साथ होने वाले मानसिक तनाव और अवसाद को कम करने में भी सहायक हो सकता है।
खिलाड़ियों को मिला प्रेरणादायक संदेश
नियमित अभ्यास और लक्ष्य निर्धारण पर जोर
जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को खेल को लक्ष्य बनाकर खेलना चाहिए और नियमित अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास से वे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रैंक प्राप्त कर सकते हैं और भविष्य में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी भारत का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं।
आयोजन में कई गणमान्य लोग उपस्थित
खेल और प्रशासन जगत की महत्वपूर्ण भागीदारी
इस अवसर पर देवभूमि एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय चड्डा, महासचिव मनोज खेड़ा, ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव डॉ. डीके सिंह, संजवी चौधरी, सीमा सिंह और भारतीय इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य रश्मि आनंद सहित कई पदाधिकारी और खिलाड़ी उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।



