
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा से वर्चुअल माध्यम से काशीपुर क्षेत्र के लिए 25.19 करोड़ रुपये की कुल लागत वाले 03 नए विकास कार्यों का शिलान्यास और 02 तैयार हो चुके प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया। वर्चुअल सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार काशीपुर के समग्र और आधुनिक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यहाँ अत्याधुनिक सुविधाओं का जाल बिछाया जा रहा है।

चौराहों का होगा कायाकल्प: “ननकाना साहिब चौक” और “महाराणा प्रताप चौक” को भव्य रूप
काशीपुर शहर को लंबे समय से परेशान कर रही जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए सरकार ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत लगभग 34 करोड़ रुपये की लागत से शहर के 8 प्रमुख चौराहों का निर्माण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। इसी कड़ी के प्रथम चरण में दो बेहद महत्वपूर्ण चौराहों का शिलान्यास किया गया:
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ननकाना साहिब चौक: पवित्र ननकाना साहिब जाने वाले मार्ग पर स्थित स्टेडियम तिराहे का नाम अब “ननकाना साहिब चौक” होगा। इसके भव्य सौंदर्यीकरण के लिए 3 करोड़ 35 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
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वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक: इस ऐतिहासिक चौक के पुनरुद्धार और सौंदर्य को बढ़ाने के लिए 4 करोड़ 30 लाख रुपये की धनराशि मंजूर कर पहले चरण का काम शुरू कर दिया गया है।
सड़कों का सुदृढ़ीकरण और आधुनिक सुविधाओं की सौगात
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने 16 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से काशीपुर-रामनगर मार्ग (NH-309) के विशेष मरम्मत एवं निर्माण कार्यों की नींव रखी। इसके साथ ही दो महत्वपूर्ण जन-सुविधाओं का लोकार्पण भी संपन्न हुआ:
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काशीपुर स्टेडियम में 24 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार आधुनिक ओपन जिम जनता को समर्पित किया गया।
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ऊधम सिंह नगर प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय में 49.24 लाख रुपये की लागत से बने प्री-फैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का उद्घाटन हुआ।
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क से खुलेगा रोजगार का मार्ग
काशीपुर की औद्योगिक महत्ता को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार यहाँ 133 एकड़ के विशाल क्षेत्र में एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित कर रही है। इस पार्क में अब तक 16 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का आवंटन भी किया जा चुका है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जाम से मुक्ति के लिए ₹494 करोड़ का महाप्लान और ₹1950 करोड़ के अन्य कार्य
यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के लिए काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोरलेन (4-Lane) में तब्दील करने हेतु 494 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया जा चुका है। इसके अलावा 3 किलोमीटर लंबे मिनी बाईपास का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक शुरू कर दिए गए हैं। साथ ही शहर के ड्रेनेज, सीवरेज, पेयजल और सड़कों को चमकाने के लिए लगभग 1950 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।
पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना: हमारा लक्ष्य “नो पेंडेंसी”
पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले योजनाओं को अटकाकर और लटकाकर रखा जाता था, लेकिन हमारी सरकार “नो पेंडेंसी” के सिद्धांत पर चलती है। हम जिस योजना का शिलान्यास करते हैं, समयबद्ध तरीके से उसका लोकार्पण भी सुनिश्चित करते हैं। जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प हर हाल में पूरा होगा।
इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने कई दिग्गज
वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों छोरों (खटीमा और काशीपुर) से भारी संख्या में जन-प्रतिनिधि और अधिकारी जुड़े। खटीमा की तरफ से जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी अजय गणपति उपस्थित रहे। वहीं काशीपुर की ओर से स्थानीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनता इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी।



