
चम्पावत। मां पूर्णागिरी मेला क्षेत्र के कैनाल गेट, बनबसा में सीमान्त सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क चिकित्सा शिविर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है। 19 मार्च 2026 को एनएचपीसी के जीएम ऋषि रंजन द्वारा उद्घाटित इस शिविर में मात्र चार दिनों में 2905 मरीजों का उपचार किया जा चुका है।
शिविर की विशेषताएं और सुविधाएं
शिविर के संयोजक ललित सिंह कुंवर ने बताया कि शिविर 29 मार्च तक लगातार संचालित रहेगा और प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को निःशुल्क सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
परिसर में 8 बेड का अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है, जिसमें 2 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, नेबुलाइज़र मशीन और आधुनिक जांच उपकरण उपलब्ध हैं। इसके साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से मौके पर पैथोलॉजी लैब, ईसीजी और एक्स-रे जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।
मरीजों को सभी प्रकार के इंजेक्शन, आईवी ड्रिप, निःशुल्क दवाइयां, तथा नेत्र जांच के बाद मुफ्त चश्मे वितरित किए जा रहे हैं।
चार दिनों में आंकड़े
- 185 लोगों की शुगर जांच
- 1400 लोगों का ब्लड प्रेशर परीक्षण
- 45 मरीजों की ड्रेसिंग और 71 इंजेक्शन
- 3 मरीजों के ईसीजी और 2 मरीजों को फ्लूइड चढ़ाया गया
- 44 लोगों के रक्त परीक्षण
- नेत्र सेवाओं के अंतर्गत 942 लोगों की जांच और 590 जरूरतमंदों को निःशुल्क चश्मे
गंभीर मामलों में तत्काल राहत
शिविर में बहोशी, अत्यधिक कमजोरी, मिर्गी के दौरे और जलने जैसे गंभीर मामलों का मौके पर उपचार किया गया, जिससे मरीजों को त्वरित राहत मिल सकी।
युवाओं और चिकित्सा टीमों की सक्रिय भागीदारी
स्थानीय युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली, जो सेवा कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम:
- डॉ. राज श्रीवास्तव
- आनंद मल्ल (लैब टेक्नीशियन)
- सपना मल्ल (नर्स)
- सिमरन चंद, किशोर जोशी, रघुनाथ सिंह रावत
एसआरएमएस बरेली टीम:
- पहले तीन दिन: डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. रमांश गुप्ता, डॉ. शुभम गुप्ता, फार्मासिस्ट बृजेश
- अगले तीन दिन: डॉ. रोशन तरुण, डॉ. नीलेश सिंह, डॉ. वेदांत अग्रवाल, फार्मासिस्ट देवेंद्र
सीमान्त अस्पताल टीम:
- फार्मासिस्ट संकेट राज
- पंकज पंत, जय सोनी, अमित पटेल, अमित पांडे, आशीष बोहरा
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की प्रशंसा
निःशुल्क और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं के इस प्रयास को श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों द्वारा सराहा जा रहा है। क्षेत्र में इस पहल को लेकर सकारात्मक माहौल है और भविष्य में ऐसे जनसेवा कार्यों की निरंतरता की उम्मीद जताई जा रही है।



