वित्त मंत्रालय ने बैंकों, बीमा कंपनियों से मितव्ययिता उपाय अपनाने का किया आह्वान

नई दिल्ली: सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों के बाबुओं की रईसी पर कुछ कैंची चली है। जी हां, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सोमवार को सार्वजनिक बैंकों और बीमा कंपनियों के साथ साथ वित्तीय संस्थानों को विशेष निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि वे दैनिक कामकाज के बीच खर्च घटाने के उपायों को लागू करें। इन उपायों में ट्रैवल पर कड़े प्रतिबंध और कामकाज में इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles) का उपयोग चरणबद्ध तरीके से बढ़ाना शामिल है।
ऑर्डर आ गया है
न्यूज एजेंसी रायटर (Reuters) ने इस बारे में एक खबर दी है। इस खबर के मुताबिक सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों एवं अन्य संस्थानों को दिया गया यह निर्देश व्यापक आर्थिक संयम (Broader austerity push) के प्रयासों को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। इससे भारतीय स्टेट बैंक , पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े पीएसयू बैंक और और भारतीय जीवन बीमा निगम या एलआईसी ऑफ इंडिया समेत तमाम बीमा कंपनयां प्रभावित होंगी इन संस्थानों में लाखों कर्मचारी और अधिकारी काम करते हैं।
इन पर चली कैंची
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग, जिस आमतौर पर बैंकिंग डिविजन कहा जाता है, ने यह निर्देश जारी किया है। इन निर्देशों में कहा गया है कि अब बैंक और बीमा कंपनियों की सभी मीटिंग, रिव्यू और कंसलटेशन के लिए कर्मचारी और अधिकारी ट्रैवल नहीं करेंगे। इसके लिए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लेना होगा। हां, जिन मामलों में किसी कर्मचारी और अधिकारी का वैयक्तिक तरीके से उपस्थित होना जरूरी हो, उसमें छूट ली जा सकती है।
विदेश यात्रा ना बाबा ना
वित्त मंत्रालय के इस आदेश में विदेश यात्रा से तो बचने को ही कहा गया है। निर्देश में कहा गया है कि संगठन के के शीर्ष अधिकारियों – जिनमें अध्यक्ष, प्रबंधक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं – द्वारा विदेशी यात्रा निर्धारित सीमाओं के भीतर रखी जानी चाहिए। साथ ही विदेश में होने वाली बैठकें संभव हो तो वर्चुअल रूप से की जानी चाहिए।
ई-व्हीकल को दें बढ़ाया
मंत्रालय ने अलग से इन संगठनों को कहा है कि वे पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों के उपयोग को हतोत्साहित करें। वे चरणबद्ध तरीके से ई व्हीकल को बढ़ावा दें। इस ऑर्डर में कहा गया है “सभी संगठन यह प्रयास कर सकते हैं कि वे अपने मुख्यालय और शाखा कार्यालयों में किराए पर ली गई पेट्रोल और डीजल वाहनों को यथासंभव इलेक्ट्रिक कारों से बदलें।”
पीएम की अपील से प्रेरणा
माना जा रहा है कि इस कदम के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले सप्ताह की अपील वह है, जिसमें उन्होंने कर्मचारियों से संयम बरतने और कम से कम खर्च करने का आग्रह किया था। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत भी इससे अछूता नहीं है। यहां कच्चे तेल के साथ साथ प्राकृतिक गैस की आपूर्ति घटी है। यहां महंगाई का तड़का हर ओर लगा है। इसके साथ ही भारतीय रुपया इस साल एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला मुद्रा बन गया है। इस समय यह रिकॉर्ड निचले स्तर पर है।


